एसआइआर नोटिस का मतलब नाम हटना नहीं, दस्तावेज देकर दूर करें विसंगति : उपायुक्त

Spread the love

खूंटी, 25 सितंबर । विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मो. जावेद हुसैन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले में चल रही प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के तहत जारी नोटिस का अर्थ मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटना नहीं है। संबंधित मतदाता सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।

उपायुक्त ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और एसआईआर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 1,32,164 मतदाताओं को नोटिस जारी किया गया है। इनमें 26,980 मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी है, जबकि 1,05,184 मामलों में तार्किक विसंगति चिह्नित की गई है। उन्होंने तीन-चार लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने संबंधी चर्चाओं को भ्रामक और तथ्यहीन बताया।

उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2003 की मतदाता सूची में मैपिंग नहीं होने वाले मतदाताओं से उस सूची में दर्ज माता-पिता के नाम से संबंधित दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में दादा-दादी या नाना-नानी से संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं। वहीं, तार्किक विसंगति के तहत माता-पिता और बच्चों की उम्र में असामान्य अंतर, दस्तावेज और दर्ज नाम में अंतर सहित करीब 15 प्रकार की विसंगतियां चिह्नित की जा रही हैं।

उपायुक्त ने बताया कि विभिन्न बूथों पर कैंप लगाकर मतदाताओं की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। जो लोग कैंप में नहीं पहुंच पा रहे हैं, उनके लिए घर-घर सत्यापन और आउटरीच की व्यवस्था की जा रही है। प्रथम चरण की सुनवाई 12 अक्टूबर तक पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है।

उपायुक्त ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने वाले पात्र नागरिक 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 अक्टूबर 2026 को संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित किया जाना निर्धारित है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी पात्र नागरिक को मताधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन करना है।