पलामू, 26 जुलाई । जिले में गर्भवती शिक्षिका भारती पांडेय पति मुकेश कुमार तिवारी को शिशु पालन के लिए छुट्टी नहीं मिलने के कारण उसके पेट में बच्चे की मौत हो गई। शिक्षिका जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन देकर लगातार छुट्टी के लिए गुहार लगा रही थी, लेकिन आरोप है कि अवकाश स्वीकृति नहीं की गई। इस बीच कार्यालय का चक्कर लगाने के क्रम में शिक्षिका का प्रसव पीड़ा बढ़ा और बच्चे की मौत हो गई।
इस घटना के बाद से जिले के सभी स्तर के शिक्षकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। रविवार को प्राथमिक, मध्य और प्लस टू स्तर के शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार की बर्खास्तगी और उन पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर मेदिनीनगर शहर थाना का घेराव किया। शिक्षक यहां कई घंटे तक डटे रहे लेकिन पुलिस पदाधिकारी ने जांच के बाद ही मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही।
इधर, शिक्षिका के अजन्मे बच्चे का शव का पोस्टमार्टम पांच सदस्यीय डॉक्टरों की टीम ने मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया। परिजनों ने शव को दफनाने के बाद शहर थाना में एफआईआर को लेकर धरना प्रदर्शन के माध्यम से आंदोलन की चेतावनी दी है।
उल्लेखनीय है कि पलामू जिले लेस्लीगंज प्रखंड के राजोगाड़ी जगतपुरवा निवासी भारती पांडे तरहसी प्रखंड के सिल्दीलिया प्लस टू विद्यालय की शिक्षिका हैं। फिलहाल प्रतिनियोजन पर चैनपुर के कस्तूरबा विद्यालय में उनकी पोस्टिंग है। उनके पति मुकेश कुमार तिवारी झारखंड पुलिस में हजारीबाग में कार्यरत हैं।
पति मुकेश कुमार तिवारी ने आरोप लगाया कि बच्चे की डिलीवरी का आखिरी महीना चल रहा था। 13 जुलाई से छुट्टी के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में आवेदन दिए थे। छुट्टी के लिए डीईओ ने 50 हजार रुपए की मांग की थी। घूस नहीं देने के कारण छुट्टी नहीं दी गई। शनिवार को पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर बच्चे को पेट में मृत पाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है। अगर उसकी पत्नी को समय से छुट्टी दे दी जाती तो उसके बच्चे की मौत नहीं होती।
इधर, शिक्षकों ने कहा कि सोमवार को काले बिल्ले लगाकर कार्य करेंगे। इसके बाद भी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है और जिला शिक्षा पदाधिकारी को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो राज्य स्तर पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
हालांकि मामला बिगड़ता देख जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से 25 जुलाई को शिक्षिका को 185 दिनों के लिए छुट्टी देने से संबंधित पत्र जारी किया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से तीन सदस्य टीम बनाकर मामले की जांच की जा रही है। जिले के सिविल सर्जन, नजारत उप समाहर्ता और एक प्रशिक्षु आईएएस मामले की जांच कर रहे हैं। टीम ने शिक्षिका के पति से घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली गई है।
इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि शिक्षिका ने जो आवेदन दिया है उसमें मातृत्व अवकाश का जिक्र नहीं है। आवेदन में चाइल्ड केयर की छुट्टी की मांग की गई है। यह छुट्टी दो बच्चों के किसी परीक्षा या मेडिकल जरूरत पर मिलती है। आवेदन में गर्भवती होने का जिक्र नहीं है, बावजूद इसके 25 जुलाई को 185 दिन के लिए छुट्टी दे दी गई है।