धर्मशाला, 30 अप्रैल । चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर का 17वां दीक्षांत समारोह वीरवार को विश्वविद्यालय परिसर में अत्यंत उत्साह एवं शैक्षणिक गरिमा के साथ आयोजित किया गया। इस मौके पर हालांकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत करनी थी लेकिन खराब मौसम के कारण वह नही पंहुच पाई। वहीं इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश सरकार के कृषि सचिव सी. पालरासु ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. ए.के. पांडा, कुलसचिव डॉ. मधु चौधरी तथा अधिष्ठाता स्नातकोत्तर अध्ययन डॉ. जी.डी. शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
9 मेधावियों को मिले स्वर्ण पदक, 134 को पीएचडी की डिग्री
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 638 उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 504 एमएससी तथा 134 पीएचडी उपाधियां सम्मिलित हैं। इनमें से 257 विद्यार्थी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे, जिनमें 193 एमएससी एवं 64 पीएचडी शोधार्थी शामिल थे। मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए 9 स्वर्ण पदक भी प्रदान किए गए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश कुलपति डॉ. ए.के. पांडा द्वारा पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं एवं प्रेरणादायक संदेश दिया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने वर्चुअल माध्यम से अपने आशीर्वचन देते हुए विद्यार्थियों को समर्पण एवं निष्ठा के साथ समाज सेवा हेतु प्रेरित किया।
डॉक्टरेट स्तर के स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रवेश कुमार (2015–18), गौरव (2016–19), शिल्पा (2018–21) एवं नवनीत कौर (2019–22) शामिल रहे। वहीं स्नातकोत्तर स्तर के स्वर्ण पदक विजेताओं में अंजली ठाकुर (2017–19), राहुल शर्मा (2018–20), शिवानी भडवाल (2019–21), नेहा राणा (2020–22) एवं आशीन शर्मा (2021–23) रहे, जिन्होंने विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन किया।
समारोह में पद्मश्री डॉ. पी. एल. गौतम तथा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपतियों डॉ. एस. के. शर्मा, डॉ. के. के. कटोच, डॉ. ए. के. सरियाल एवं डॉ. डी. के. वत्स सहित अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। इसके अतिरिक्त डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, सोलन के कुलपति डॉ. राजेश्वर सिंह चंदेल तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के कुलसचिव डॉ. एन. के. सांख्यान भी समारोह में उपस्थित रहे। इससे पूर्व विश्वविद्यालय के प्रबंध मंडल, सीनेट के सदस्य, संविधिक अधिकारी एवं विभागाध्यक्षों ने कुलसचिव के नेतृत्व में शैक्षणिक शोभायात्रा में भाग लिया।