जयपुर, 28 जुलाई । अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट क्रम-10, महानगर प्रथम ने 14 साल पहले विधानसभा में बम की धमकी देने के आरोपी मनोज कुमार चतुर्वेदी को संदेह लाभ में दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ लगाए आरोप साबित करने में विफल रहा है। यह साबित नहीं है कि कॉल करने में उपयोग किया फोन आरोपी का हो और किसी अन्य व्यक्ति की सिम का उपयोग उसने किया हो। अभियोजन ने ऐसा भी कोई सबूत पेश नहीं किया है जिसमें आरोपी की कॉल रिकार्डिंग व एफएसएल जांच हुई हो।
आरोपी के अधिवक्ता अश्विनी बोहरा ने कोर्ट में कहा कि उसे केस में झूठा फंसाया है और उसने बम की धमकी नहीं दी थी। अभियोजन पक्ष की साक्ष्य गलत है, उसे दोषमुक्त किया जाए। मामले के अनुसार 24 जुलाई 2012 को सुबह 10.43 एम पर पुलिस कंट्रोल रूम में एक मोबाइल से विधानसभा में बम लगाने की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता, और एटीएस सहित अन्य ने विधानसभा परिसर की तलाशी ली, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। जांच में मोबाइल नंबर की कड़ी आरोपी मनोज कुमार चतुर्वेदी तक पहुंचने पर पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 182, 505, 506, 507, 201 और आईटी की धाराओं 66-ए एवं 66-सी के तहत चालान पेश किया।