नाबालिग ममेरी बहन से दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को सजा

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जयपुर, 02 नवंबर । पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत कम-1, महानगर प्रथम ने 17 वर्षीय ममेरी बहन का अपहरण कर उसे विभिन्न स्थानों पर ले जाकर करीब तीन माह तक दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त को बीस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने 26 साल के इस अभियुक्त पर 60 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं अदालत ने मामले में आरोपी बनाए गए टैक्सी चालक को बरी कर दिया है। पीठासीन अधिकारी मीना अवस्थी ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त ने अपनी ममेरी नाबालिग बहन के साथ लैंगिक उत्पीडन कर उसे शारीरिक और भावनात्मक क्षति पहुंचाने के साथ ही उसके व्यक्तित्व और गरिमा का आहत करने वाले अपराध किया गया है। ऐसे में अभियुक्त के प्रति नरमी का रुख नहीं अपनाया जा सकता।

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुरेन्द्र सिंह राजावत ने अदालत को बताया की घटना को लेकर पीडिता के पिता ने 18 मई, 2024 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसकी नाबालिग बेटी बीती 17 मई की सुबह 8 बजे घर से गई थी और लापता हो गई। उसे शक है कि अभियुक्त उसे बहला फुसलाकर ले गया है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने करीब तीन माह बाद पीडिता को सूरत से बरामद करते हुए अभियुक्त के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया। पीडिता ने अदालत को बताया कि अभियुक्त उसकी बुआ का बेटा होने से उनके घर आता जाता था। एक साल पहले साल 2023 को एक दिन अभियुक्त ने उसे दुर्गापुरा स्थित एक कैफे में बुलाया और कोल्ड ड्रिंक पिलाई। इसके बाद वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो वह होटल के कमरे में नग्न अवस्था में थी। अभियुक्त ने विरोध करने पर उसका वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी। इसके बाद अभियुक्त उसे आए दिन अपने दोस्त के कमरे पर बुलाकर दुष्कर्म करने लगा। वहीं 17 मई, 2024 को वह उसे कार में बैठाकर अपनी मां के गांव ले गया। इसके बाद अगले दिन वह उसे गुजरात ले गया और बीच रास्ते कार में ही उससे दुष्कर्म किया। पीडिता ने अदालत को बताया कि अहमदाबाद में अभियुक्त ने किराए के कमरे में पत्नी बताकर रखा। इस दौरान वह गर्भवती भी हो गई, लेकिन दवा देकर उसका गर्भपात कराया गया। पुलिस से बचने के लिए अभियुक्त एक माह बाद उसे लेकर सूरत आ गया। जहां दो माह बाद पुलिस आकर उसे ले गई। इस अवधि में अभियुक्त ने रोजाना उसके साथ दुष्कर्म किया।