संगड़ाह में  माइन से निकले मलबे ने मचाई तबाही, सैकड़ों किसानों की जमीनें व घराट नष्ट

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नाहन, 15 अक्टूबर । नागरिक उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत संचालित ‘वालिया माइन’ से आए भारी मलबे ने स्थानीय किसानों पर कहर बरपाया है। खनन कार्य से निकले मलबे एवं गाद के कारण सैकड़ों किसानों की उपजाऊ जमीनें, फसलें और पारंपरिक घराट (जल मिलें) पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। मलबे ने कई किलोमीटर के दायरे में फैली सरकारी व निजी भूमि को भारी नुकसान पहुंचाया है।

इस संदर्भ में वसुंधरा संरक्षण समिति द्वारा पूर्व में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री, एसडीएम संगड़ाह तथा संबंधित विभागों को लिखित शिकायतें भेजी गई थीं। इसके अलावा पीड़ित किसानों ने स्वयं 1100 हेल्पलाइन नंबर पर दर्जनों शिकायतें दर्ज कराई थीं। जनता की शिकायतों और लगातार उठ रही मांगों के मद्देनज़र आज खनन विभाग से माइनिंग गार्ड अनुज कुमार ने प्रभावित स्थल का दौरा किया। उन्होंने किसानों की क्षतिग्रस्त जमीनों, तबाह हुई फसलों और नष्ट हुए घराटों का मौका मुआयना किया। इस निरीक्षण के दौरान वसुंधरा संरक्षण समिति के सदस्यों एवं प्रभावित किसानों ने जमीनी हकीकत अधिकारी के समक्ष रखी।

मौके पर मौजूद पूर्व उपप्रधान दौलत राम, जोगिंदर सिंह, विजेंद्र कुमार, विनोद कुमार, करमदास एवं अनिल कुमार सहित कई स्थानीय किसानों ने खनन गार्ड को अपनी तबाही का मंजर दिखाया और मलबे से हुए नुकसान का आकलन करवाया।

ग्रामीणों व वसुंधरा संरक्षण समिति ने उम्मीद जताई है कि माइनिंग गार्ड अनुज कुमार निष्पक्षता और ईमानदारी से मौके की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट विभाग एवं शासन को सौंपेंगे, ताकि पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा मिल सके और इस गैर-जिम्मेदाराना खनन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।