इंदौर, 25 अगस्त । मध्य प्रदेश के इंदौर में जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ सहज एवं सरल तरीके से उपलब्ध कराने के लिए निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में इंदौर कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई में आने वाले आवेदकों की सुविधा के लिए आवेदन लिखने की विशेष व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा ने आवेदकों की समस्याओं को सुना और उनका हाथों-हाथ निराकरण किया। ऐसी समस्याएं जिनका मौके पर निराकरण नहीं किया जा सका, उनके निराकरण के लिए समय सीमा तय करते हुए संबंधित अधिकारियों को निराकरण के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
कलेक्टर वर्मा ने आज कलेक्ट्रेट में संचालित उपरोक्त विशेष व्यवस्था का अवलोकन भी किया। उन्होंने आवेदन लेखन की प्रक्रिया देखी तथा वहां उपस्थित आवेदकों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने आवेदकों की समस्याएं एवं सुझाव भी सुने।
इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे आवेदकों को सुविधा उपलब्ध कराना है, जिन्हें शासकीय कार्यालयों में प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन लिखने में कठिनाई होती है। आवेदन लेखन की सुविधा मिलने से नागरिकों को अपनी समस्या अथवा मांग को व्यवस्थित रूप से संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने में सहूलियत होगी।
कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवेदकों को आवेदन लेखन सहित आवश्यक मार्गदर्शन एवं सुविधाएं सहजता से उपलब्ध कराई जाएं तथा उनकी समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया भी सरल और प्रभावी बनाई जाए। जिला प्रशासन की इस पहल से कलेक्ट्रेट आने वाले आम नागरिकों को बेहतर सुविधा और सुगम सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
जनसुनवाई में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार तथा रिंकेश वैश्य, अपर आयुक्त नगर निगम शृंगार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारियों ने भी आवेदकों की समस्याओं को सुना और उनका निराकरण किया। जनसुनवाई में प्रमुख रूप से पारिवारिक विवाद, संपत्ति विवाद, भूखंड आवंटन, आपसी विवाद आदि के प्रकरण प्राप्त हुए।