जयपुर, 01 नवंबर । उत्तर पश्चिम रेलवे ने माह अक्टूबर 2026 में माल परिवहन एवं परिचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर माल ढुलाई, मालभाड़ा आय, जोनल इंटरचेंज, लोको उपयोगिता एवं वैगन परिचालन सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित के अनुसार माल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान के लाइम स्टोन सहित विभिन्न कमोडिटीज को रेल द्वारा देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जा रहा है। इससे स्थानीय उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिल रही है। अक्टूबर 2026 में उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा कुल 2.806 मिलियन टन माल ढुलाई किया गया, जो कि निर्धारित लक्ष्य से 2.6 प्रतिशत तथा गत वर्ष के इसी माह की तुलना में 14.9 प्रतिशत अधिक है। यह अक्टूबर माह में अब तक का सर्वाधिक माल ढुलाई है। इससे पूर्व अक्टूबर 2021 में 2.66 मिलियन टन माल ढुलाई का रिकॉर्ड था। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2026-27 में अक्टूबर माह तक कुल माल ढुलाई 19.09 मिलियन टन रहा, जो अब तक का सर्वाधिक माल ढुलाई है। इसने वर्ष 2022-23 में अक्टूबर तक दर्ज 18.7 मिलियन टन के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
अक्टूबर माह में माल ढुलाई से उत्तर पश्चिम रेलवे को 342.9 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई, जो गत वर्ष के इसी माह की तुलना में 14 प्रतिशत अधिक है। यह उपलब्धि माल परिवहन सेवाओं के प्रभावी प्रबंधन एवं बेहतर परिचालन समन्वय को दर्शाती है।
अक्टूबर माह में जोनल इंटरचेंज का औसत 319 ट्रेन प्रतिदिन रहा, जो निर्धारित लक्ष्य से 18.1 प्रतिशत तथा गत वर्ष की तुलना में 13.9 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक का सर्वाधिक दैनिक इंटरचेंज 8 अक्टूबर 2026 को 354 ट्रेन दर्ज किया गया, जिसमें 173 ट्रेन टेकिंग ओवर तथा 181 ट्रेन हैंडिंग ओवर शामिल हैं। इसी दिन वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर भी अब तक का सर्वाधिक 154 ट्रेन का दैनिक इंटरचेंज दर्ज किया गया, जिसमें 75 ट्रेन टेकिंग ओवर तथा 79 ट्रेन हैंडिंग ओवर शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, अक्टूबर माह में किशनगढ़ बालावास इंटरचेंज के अंतर्गत 1,486 ट्रेन का मासिक रिकॉर्ड दर्ज किया गया, जिसमें 744 ट्रेन टेकिंग ओवर तथा 742 ट्रेन हैंडिंग ओवर शामिल हैं। इसने सितंबर 2026 में दर्ज 1,376 ट्रेन के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा प्राप्त उपलब्धियां माल परिवहन क्षमता में वृद्धि, संसाधनों के बेहतर उपयोग, वैगनों एवं लोको की उत्पादकता में सुधार तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय का परिणाम हैं।