सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली 2026 की प्रति जलाकर जताया विरोध

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भागलपुर, 04 जुलाई । टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा शनिवार को टीएमबीयू प्रशासनिक भवन परिसर में संघ के अध्यक्ष डॉ. आनन्द आजाद के नेतृत्व स्थाई तथा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 की प्रति जलाई गई।

इस दौरान टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आनन्द आजाद ने कहा कि लोकभवन द्वारा स्थाई तथा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति हेतु लाई गई नियुक्ति नियमावली, 2026 पूरी तरह से यूजीसी गाइडलाइन के विरुद्ध है। इसमें कई त्रुटियाँ हैं।

उन्होंने कहा कि स्थाई तथा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए अलग-अलग नियुक्ति नियमावली लाना पूरी तरह से यूजीसी गाइडलाइन के विरुद्ध है। अधिकतम आयु सीमा 43 वर्ष किया जाना भी यूजीसी गाइडलाइन के विरुद्ध है। इसलिए हम लोकभवन द्वारा लाई गई इस नियुक्ति नियमावली को रद्द करते हुए यूजीसी रेगुलेशन, 2018 के आधार पर बनाई गई नियुक्ति नियमावली, 2020 के आधार पर स्थाई तथा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की मांग करते हैं।

इस दौरान बी.एन. कॉलेज, भगालपुर के हिन्दी विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. आनन्द कुमार तथा पी-एच.डी. डिग्रीधारक डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा यूजीसी गाइडलाइन के विरुद्ध तैयार किए गए नियुक्ति नियमावली के आधार पर कल संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए दिए गए विज्ञापन का विरोध करते हुए हम इसे तुरन्त रद्द करने की मांग करते हैं। यदि इसे यथाशीघ्र रद्द नहीं किया गया तो इसके खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में पीआईएल दायर करेंगे।

प्रदर्शन के दौरान सारे प्रदर्शनकारी यूजीसी रेगुलेशन का उल्लंघन कर लाया गया सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली वापस लेना होगा, यूजीसी गाइडलाइन के विरुद्ध स्थाई तथा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति के लिए लाया गया अलग-अलग नियमावली नहीं चलेगा आदि नारे लगा रहे थे ।

इस दौरान डॉ. आनन्द कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. सुनील यादव, डॉ. सर्पराज रामानन्द सागर, डॉ. धीरेन्द्र कुमार, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. शशि कुमार यादव, डॉ. अजीत कुमार सोनू, डॉ. नूरजहाँ, डॉ. प्रियतम कुमार, डॉ. आदित्य कुमार, डॉ. शरद राय, डॉ. चंदा कुमारी, डॉ. मधुलता कुमारी, डॉ. चन्दन कुमार, डॉ. रूपा झा, डॉ. रंजीत कुमार, डॉ. अविनाश कुमार, डॉ. मो. गुलशन समेत सैकड़ों अतिथि शिक्षकों तथा पी-एच.डी. डिग्रीधारक एवं शोधार्थी उपस्थित थे।