मध्य प्रदेश के 9 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में खिलेगी धूप, 12 अक्टूबर से साफ होगा मौसम

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भोपाल, 09 अक्टूबर । मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को रीवा और शहडोल संभाग के आसपास के 9 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि भोपाल-इंदौर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने का अनुमान है। पूर्वी हिस्से में 10 और 11 अक्टूबर को भी बारिश हो सकती है, जबकि 12 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ के असर से पूर्वी मध्य प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी-बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। इस साल मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। जून से सितंबर के बीच कुल 908.4 मिमी पानी गिरा, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिमी है। मौजूदा मौसम प्रणाली का असर पूर्वी मध्य प्रदेश में अभी बना रहेगा। शुक्रवार को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल और अनूपपुर में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है।

10 और 11 अक्टूबर को भी पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने का अनुमान है। 12 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ होने और धूप निकलने की संभावना है। इस दिन प्रदेश में कहीं भी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है। मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ जैसी मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने से कुछ इलाकों में बारिश हो रही है।

पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। इस साल भी अक्टूबर की शुरुआत में दिन में धूप और गर्मी रही, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक महसूस हुई। इसी दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश भी दर्ज की गई। इस बार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। जून से सितंबर तक चले मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई। सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी लगभग 37.3 इंच के मुकाबले यह करीब 1.5 इंच कम है। इस तरह पूरे प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।

क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा। पूर्वी क्षेत्र में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं। हालांकि, पूर्वी हिस्से के बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।

प्रदेश के 25 जिलों में मानसूनी बारिश का निर्धारित कोटा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके उलट प्रदेश के 30 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।