कैथल, 24 अगस्त । नगर परिषद और नगर पालिकाओं के कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही हड़ताल अब 26 अगस्त तक बढ़ गई है। सफाई कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले पांच दिनों से कचरे का उठान नहीं होने के कारण शहर की सड़कों और बाजारों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। हालात बिगड़ने के चलते प्रशासन की ओर से रविवार रात के समय जेसीबी की मदद से सड़कों से कचरा हटवाया गया। अनुमान के मुताबिक शहर में करीब 600 टन कचरा जमा हो चुका है। कचरे के ढेरों के आसपास गोवंश मुंह मारते नजर आ रहे हैं, जिससे गंदगी के साथ-साथ संक्रमण और दुर्गंध की समस्या भी बढ़ रही है।हड़ताल का असर केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है। नगर परिषद कार्यालय बंद होने के कारण जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, डोमेसाइल, आधार कार्ड, विवाह पंजीकरण और प्रापर्टी टैक्स जमा कराने सहित कई जरूरी काम प्रभावित हुए हैं। विकास कार्यों से जुड़े कामकाज भी अटक गए हैं। दुकानदारों और कालोनीवासियों का कहना है कि सड़कों पर फैली गंदगी से कारोबार प्रभावित हो रहा है और लोगों को आवाजाही में भी परेशानी उठानी पड़ रही है।शहर के प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेरकैथल के 31 वार्डों से रोजाना करीब 100 से 120 टन कचरा निकलता है। पांच दिनों से उठान नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में कचरा सड़कों पर ही जमा है। माता गेट, पिहोवा चौक, अंबाला रोड, पटियाला रोड, खनौरी बाइपास, करनाल रोड, चंदाना गेट, पुराना बस अड्डा, ढांड रोड, अर्जुन नगर, माडल टाउन, जींद रोड, सेक्टर-19, कुतुबपुर रेलवे फाटक रोड, राम नगर, कबूतर चौक सब्जी मंडी और रेलवे गेट समेत कई स्थानों पर कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य संगठनकर्ता शिव चरण ने बताया कि मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल 26 अगस्त तक बढ़ाने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि में सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई समाधान नहीं किया गया तो हड़ताल को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। जिला पालिका आयुक्त कपिल शर्मा ने बताया कि प्रशासन की ओर से रात के समय जेसीबी की मदद से सड़कों से कचरा हटवाया गया है। पार्षदों के साथ बैठक कर सफाई व्यवस्था में सहयोग की अपील की जा रही है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों से भी बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।