कोयला घोटाला मामलों में सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश- ट्रायल पर अंतरिम रोक न लगाएं

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नई दिल्ली, 19 अगस्त । उच्चतम न्यायालय ने कोयला घोटाला मामलों में दिल्ली उच्च न्यायालय को निर्देश दिया है कि वो ट्रायल पर अंतरिम रोक न लगाएं। उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय को निर्देश दिया कि वो लंबित याचिकाओं का निपटारा चार हफ्ते में करें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ये आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने साफ किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय इन मामलों में अंतरिम रोक नहीं लगा सकता है। कोर्ट ने यह भी माना कि अगर ट्रायल पर रोक नहीं लगती तो इससे आरोपितों के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इसी वजह से उच्च न्यायालय को निर्देश दिया गया वह ऐसी याचिकाओं पर प्राथमिकता के आधार पर चार हफ्ते के भीतर फैसला करे।

उच्चतम न्यायालय ने जुलाई में कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाला मामलों से संबंधित करीब 12 साल पुराने अपने आदेश में संशोधन किया है। पहले के आदेश के अनुसार विशेष अदालत के फैसलों के खिलाफ अपील सीधे उच्चतम न्यायालय में ही दाखिल की जा सकती थी। अब उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि अभियोजन और आरोपित, दोनों विशेष न्यायाधीश द्वारा बरी करने या दोषी ठहराने के फैसले को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दे सकते हैं।

उच्चतम न्यायालय ने 2014 में 1993 से 2010 के बीच केंद्र सरकार की ओर से आवंटित 214 कोयला ब्लॉक रद्द कर दिए थे। उच्चतम न्यायालय ने जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान इन आवंटनों पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसके बाद मामलों की सुनवाई के लिए विशेष सीबीआई न्यायाधीश की अदालत बनाई गई थी। उस समय उच्चतम न्यायालय ने निर्देश दिया था कि विशेष अदालत की ओर से आरोप तय करने, मामला रद्द करने और जमानत से जुड़े आदेशों के खिलाफ सभी अपीलें केवल शीर्ष अदालत में दाखिल होंगी। दिल्ली उच्च न्यायालय में ऐसी अपील नहीं की जा सकेगी।