वह 21-18, 11-4 से आगे चल रहे थे, तभी चोट के कारण प्रतिद्वंद्वी ने मुकाबला छोड़ दिया।
क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रिया के काई नीडरहुबर से पहला गेम 18-21 से हारने के बाद शाश्वत
ने वापसी की और अगले दोनों गेम 21-10, 21-14 से जीत लिए। सेमीफाइनल में उन्होंने पेरू
के एड्रियानो वियाले को 21-13, 21-12 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
के पिता डा. जेपी दलाल ने बताया कि वे मूल रूप से झज्जर जिले के छारा गांव के रहने
वाले हैं। फिलहाल सोनीपत के सेक्टर-23 में रहते हैं। उन्होंने मलिक बैडमिंटन अकादमी
में कोच हरेंद्र मलिक से प्रशिक्षण लिया। अब वह इंग्लैंड के राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रशिक्षण
केंद्र में अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से कंप्यूटर
विज्ञान में बीटेक और इंग्लैंड के नॉटिंघम विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की पढ़ाई की
लिटिल एंजेल्स स्कूल की जूनियर विंग में हेड ब्वॉय और सीनियर विंग में खेल कप्तान रह
चुके हैं। वह सीबीएसई राष्ट्रीय चैंपियन रहे हैं और हरियाणा सरकार के एसपीएटी कार्यक्रम
में भी शीर्ष स्थान हासिल कर चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी की चयन प्रक्रिया
यूरोपीय विश्वविद्यालय बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले वह पहले भारतीय बने थे। अब तक
125 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके शाश्वत 35 से ज्यादा देशों में भारत का
प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनकी मौजूदा विश्व रैंकिंग 109 है। हाल में उन्होंने सेनेगल
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था, जबकि नाइजीरिया और कैमरून की प्रतियोगिताओं
को ऑस्ट्रेलिया की कंपनी तान्शु समूह ने अपना ब्रांड प्रतिनिधि बनाया है। उनका लक्ष्य
ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतना है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, विद्यालय