दिल्ली सरकार ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान 2.0’ को किया तेज

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नई दिल्ली, 30 अप्रैल । दिल्ली सरकार ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान (टीबीएमबीए) 2.0’ के तहत अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है। यह अभियान ‘राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम’ (एनटीईपी) और ‘सतत विकास लक्ष्यों’ के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक टीबी को पूरी तरह से खत्म करना है। 24 मार्च 2026 को राष्ट्रीय स्तर पर टीबीएमबीए- 2.0 की शुरुआत होने के बाद से पूरी दिल्ली में टीबी की बीमारी की जल्द पहचान, व्यापक स्क्रीनिंग और संपूर्ण देखभाल पर केंद्रित विशेष प्रयासों का विस्तार किया गया है।

इस पहल के तहत राव तुला राम मेमोरियल हॉस्पिटल (साउथ-वेस्ट जिला) के चेस्ट क्लिनिक द्वारा दिल्ली के विकास नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक ‘आयुष्मान आरोग्य शिविर’ का आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह शामिल हुए और एक समर्पित टीबी जांच एवं उपचार केंद्र का उद्घाटन किया। यह नया केंद्र एनएएटी जांच के माध्यम से निःशुल्क स्क्रीनिंग एवं उपचार की सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ टीबी के मरीजों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करेगा।

चेस्ट एक्स-रे स्क्रीनिंग के लिए आए लोगों से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने टीबी की शुरुआती पहचान के महत्व पर विशेष जोर दिया, जिसमें टीबी की सब-क्लिनिकल स्तर पर पहचान भी शामिल है, ताकि इलाज के परिणाम को और बेहतर बनाने के साथ संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजधानी दिल्ली टीबी उन्मूलन के लिए एक सक्रिय और समुदाय-आधारित दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है। शुरुआती स्क्रीनिंग, समय पर निदान और संपूर्ण उपचार दिल्ली को टीबी मुक्त बनाने की रणनीति के प्रमुख स्तंभ हैं, ताकि हम टीबी-मुक्त राजधानी का लक्ष्य जल्द प्राप्त कर सकें।

विकास नगर कैंप में लोगों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली, जहां 102 लोगों के चेस्ट एक्स-रे किए गए। इसके अतिरिक्त 125 लोगों की रैंडम ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच की गई, जबकि 156 लोगों का ब्लड प्रेशर चेक किया गया। समुदाय में ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) की शुरुआती पहचान और इलाज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक, आईईसी पैम्फलेट का वितरण और स्थानीय स्तर पर मुनादी जैसी कई गतिविधियां चलाई गई, ताकि टीबी की शीघ्र पहचान और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।

टीबीएमबीए 2.0 के तहत दिल्ली के टीबी उन्मूलन प्रयासों ने 24 मार्च से लेकर 30 अप्रैल 2026 के बीच उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है।

इस अवधि में पूरे शहर में 850 आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 198 शिविर ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में लगाए गए और कुल 65,264 से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें से 46950 लोगों के चेस्ट एक्स-रे और 21683 एनएएटी टेस्ट किए गए, जिसके परिणामस्वरूप 9432 टीबी मरीजों की पहचान और पंजीकरण किया गया।

स्क्रीनिंग और इलाज के अलावा इस कार्यक्रम ने मरीजों को सहायता देने और बीमारी की रोकथाम पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कुल 7117 घरेलू संपर्कों को टीबी से बचाव के लिए उपचार प्रदान किया गया, जबकि 3461 मरीजों को ‘निक्षय मित्र’ पहल के तहत पोषण सहायता के रूप में ‘फ़ूड बास्केट’ बांटी गई। जिससे सामुदायिक भागीदारी और ज्यादा मजबूत हुई और साथ ही 42 ‘निक्षय मित्र’ पंजीकृत हुए। इसके अलावा 127 जन-प्रतिनिधियों—जिनमें विधायक, सांसद और पार्षद शामिल हैं की सक्रिय भागीदारी भी देखी गई।