बॉर्डर इलाके में 70 करोड़ की हेरोइन मामले में दो जने गिरफ्तार

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बीकानेर, 29 अप्रैल । जिले के बॉर्डर इलाके में 70 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामदगी मामले में पुलिस ने दो जनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जयपुर से ग्वालियर निवासी राहुल रावत व प्रशांत कयाल को पकड़ा है। इनका रोल कैरियर के रूप में सामने आया है।

जिला पुलिस अधीधक्षक मृदुल कच्छावा ने बुधवार काे पत्रकाराें काे बताया कि इसका मुख्य आरोपी पाली का रहने वाला मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत अभी फरार है। राजस्थान से लेकर पंजाब की जेल तक अंतरराष्ट्रीय हेरोइन तस्करी नेटवर्क का कनेक्शन सामने आया है। जांच में सामने आया है कि सरगना राकेश पंजाब जेल में रह चुका है। जहां उसकी पहचान पाकिस्तान से जुड़े तस्करी नेटवर्क के लोगों से हुई थी।

उन्हाेंने कहा कि जयपुर में कैटरिंग का काम करने वाले राहुल रावत और प्रशांत कयाल इस तस्करी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पुलिस को संदेह है कि दोनों मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत के लिए ‘डिलीवरी मैन के रूप में काम कर रहे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वे पहले भी पाकि स्तानी ड्रोन से गिराई गई हेरोइन की खेप आगे पहुंचा चुके हैं। दरअसल, बीकानेर के पूगल और खाजूवाला बॉर्डर से जुड़े इस नेटवर्क में 22 अप्रैल को बड़ा खुलासा हुआ था। पूगल रोड पर स्कूटी सवार खेताराम मेघवाल नीलगाय से टकराकर घायल हो गया था। हादसे के बाद उसकी स्कूटी से 14 किलो हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 70 करोड़ रुपए आंकी गई है। खेताराम फिलहाल पीबीएम अस्पताल में भर्ती है और उसे पूरी तरह होश नहीं आने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके हैं।

तस्करी के लिए बीकानेर के एक स्थानीय व्यक्ति की स्कूटी का इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब उन स्थानीय लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने तस्करों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया। प्रारंभिक जांच के अनुसार, राकेश प्रजापत ने इन लोगों को खाजूवाला बॉर्डर से हेरोइन की खेप उठाकर पंजाब पहुंचाने की जिम्मेदारी दी थी।