जयपुर, 20 अगस्त । राजस्थान के किले, महल, हवेलियां और रेगिस्तान अब केवल पर्यटकों को ही नहीं, बल्कि विदेशी निवेशकों को भी आकर्षित कर रहे हैं। जयपुर के रामबाग पैलेस होटल में गुरुवार को आयोजित यूएई-राजस्थान टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल बैठक में राजस्थान और संयुक्त अरब अमीरात के बीच पर्यटन एवं निवेश संबंधों को नई दिशा देने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यूएई की कंपनियों को राजस्थान में ऊर्जा, हॉस्पिटिलिटी और अन्य क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान किलों, महलों, हवेलियों, रेगिस्तान, अभयारण्यों, जेम्स एंड ज्वेलरी, हस्तशिल्प, वस्त्र और खनिज संपदा से समृद्ध है। इन क्षेत्रों में यूएई की कंपनियों के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि राजस्थान में निवेश करने वालों को राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में निवेश से केवल फायदा ही होगा, नुकसान नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अनुकूल औद्योगिक वातावरण तैयार करने के लिए राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी सहित कई नीतियां लागू की गई हैं। ऊर्जा क्षेत्र में भी राजस्थान तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि शेखावाटी की 662 ऐतिहासिक हवेलियों को संरक्षण के लिए चिह्नित किया गया है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को आर्थिक विकास से जोड़ते हुए पर्यटन क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इससे विरासत संरक्षण के साथ रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने भारत और यूएई के मजबूत होते संबंधों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के नेतृत्व के बीच रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। मई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा ने दोनों देशों की साझेदारी को नई गति दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार 100 अरब डॉलर से अधिक रहा है। यूएई में रहने वाले करीब 45 लाख भारतीय दोनों देशों के बीच मजबूत पुल का काम कर रहे हैं और इनमें राजस्थान के भी बड़ी संख्या में प्रवासी शामिल हैं।
यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल-मरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के रिश्ते बेहद खास हैं।
उन्होंने भारत और यूएई के बीच हुए कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (सीईपीए) को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अब्दुल्ला बिन तौक अल-मरी ने भारत के प्रति अपने लगाव का जिक्र करते हुए राजस्थान के व्यंजनों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटिलिटी क्षेत्र का यूएई की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान है और यूएई की कंपनियां राजस्थान के हॉस्पिटिलिटी क्षेत्र में निवेश करने को इच्छुक हैं।
उन्होंने जयपुर और दुबई के बीच हवाई संपर्क को और बेहतर बनाने की इच्छा भी जताई। उनका कहना था कि बेहतर हवाई सेवाओं से पर्यटन और निवेश दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक के दौरान यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दुबई यात्रा के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यूएई-राजस्थान टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल जैसी पहल दोनों पक्षों के बीच साझेदारी को और मजबूत करेगी।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पर्यटन शासन सचिव शुचि त्यागी, रोटाना होटल ग्रुप की मुख्य रणनीति एवं संपत्ति अधिकारी आमना अल नोवैस, जेए रिसॉर्ट्स एंड होटल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राल्फ पोर्सियानी, धामानी ग्रुप के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ अमित धामानी, लैंडमार्क ग्रुप के सिटीमैक्स होटल्स एंड फूडमार्क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज राणा, मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स के राजस्थान स्टोर हेड सोनू जालम सहित यूएई और राजस्थान के हॉस्पिटिलिटी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक से राजस्थान के पर्यटन और हॉस्पिटिलिटी क्षेत्र में विदेशी निवेश की संभावनाओं को नई उम्मीद मिली है।