देहरादून, 28 सितंबर । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए धामों और प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर ठोस कचरा प्रबंधन की पुख्ता और स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बढ़ते धार्मिक पर्यटन को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुरूप दीर्घकालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में अधिकारियों के साथ बैठक कर चारधाम और यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ यात्रा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा करने और जरूरत के अनुसार उनमें सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा और धार्मिक पर्यटन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में केवल मौजूदा जरूरतों के आधार पर व्यवस्थाएं करना पर्याप्त नहीं होगा। धामों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भविष्य में बढ़ने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या को ध्यान में रखते हुए ठोस कचरे के संग्रहण, निस्तारण और प्रबंधन की स्थायी प्रणाली विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से ऐसी व्यवस्था तैयार करने को कहा, जिससे धार्मिक स्थलों की स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण और श्रद्धालुओं की सुविधा भी सुनिश्चित हो। कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को प्रभावी, व्यवस्थित और दीर्घकालिक बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना सभी संबंधित विभागों की साझा जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की धार्मिक और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए संबंधित विभागों को भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करनी होंगी, जो लंबे समय तक प्रभावी और टिकाऊ रहें।
बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप सहित आपदा प्रबंधन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।