हरिद्वार, 08 नवंबर । 9 नवंबर को सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने कमर कस ली है। लाखों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
रविवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज सभागार में एसपी ट्रैफिक व क्राइम निशा यादव ने पर्व ड्यूटी में नियुक्त पुलिस बल को विस्तृत ब्रीफिंग दी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने, लाभप्रद सूचना तत्काल साझा करने और श्रद्धालुओं के साथ शालीन व्यवहार करने के निर्देश दिए।
हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाले इस पर्व पर हरकी पैड़ी सहित सभी प्रमुख घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 14 जोन और 44 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। मेला प्रभारी की जिम्मेदारी एसपी सिटी को सौंपी गई है।
ब्रीफिंग में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, एंटी-सबोटाज चेकिंग, अफवाहों की रोकथाम, घाटों पर सुरक्षा, जल पुलिस की तैनाती और संचार व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एसपी निशा यादव ने कहा कि हरकी पैड़ी और प्रमुख घाटों पर भीड़ का दबाव बढ़ने पर श्रद्धालुओं को वैकल्पिक घाटों की ओर डायवर्ट किया जाए। जेबकतरों और उठाईगिरों पर सादे वस्त्रों में तैनात पुलिस की नजर रहेगी। रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने के साथ ही सभी अधिकारियों को लगातार समन्वय में रहने को कहा गया है।
मेला क्षेत्र में आने-जाने वाले सभी वाहनों की चेकिंग की जाएगी। रेलवे स्टेशन और स्नान स्थलों पर कोई संदिग्ध वस्तु मिलने पर तत्काल बीडीएस और डॉग स्क्वॉड को सूचना दी जाए। ड्यूटी के दौरान मोबाइल का अनावश्यक प्रयोग न किया जाए। सभी को ट्रैफिक प्लान की पूरी जानकारी होनी चाहिए। अफवाह फैलाने वालों पर सख्त नजर रखी जाए। स्नान पर्व के दिन प्रातः 2 बजे घाटों पर सो रहे श्रद्धालुओं को जगाकर घाट खाली कराए जाएंगे, ताकि स्नान में कोई बाधा न हो। हरकी पैड़ी की ओर जाने वाले पुलों पर रस्से लगाए जाएंगे ताकि भीड़ बढ़ने पर डायवर्जन किया जा सके।
मेला ड्यूटी में 2 अपर पुलिस अधीक्षक, 7 पुलिस उपाधीक्षक, 23 निरीक्षक, 73 उपनिरीक्षक, 11 महिला उपनिरीक्षक, 206 आरक्षी, 58 महिला आरक्षी, 44 यातायात पुलिसकर्मी, 10 अभिसूचना कर्मी, 2 बीडीएस व डॉग स्क्वॉड टीम, 4 घुड़सवार टीम, 16 जल पुलिस जवान, 3 कंपनी पीएसी, 157 प्रशिक्षु उपनिरीक्षक, 100 रिक्रूट आरक्षी, 250 होमगार्ड, 250 पीआरडी और 14 फायर कर्मी तैनात किए गए हैं।
बिछुड़े हुए श्रद्धालुओं की सहायता के लिए सीसीआर पर खोया-पाया केंद्र भी स्थापित किया गया है।