बांदा, 25 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में रविवार को एक पीड़ित काे न्याय दिलाने के लिये जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद अपने समर्थकों के साथ शहर कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गये। मामला एक रिक्शा चालक के साथ कथित मारपीट, नौ हजार रुपये छीनने और पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई न करने के आरोपों से जुड़ा है। मंत्री के धरने पर बैठने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। हालांकि पुलिस अधिकारियाें से वार्ता करने के बाद मंत्री समर्थकों के साथ वहां से चले गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की। वहीं, पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर प्राप्त कर मुकदमा दर्ज करने और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया की जा रही है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के छावनी डेरा मजरा दरदा निवासी रिक्शा चालक लाला भैया पुत्र रामसजीवन ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया कि 24 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे वह रिक्शा लेकर जा रहा था। छावनी डेरा तिराहे के पास हर्षित यादव, मोहित यादव और दो अज्ञात लोगों ने उसका रिक्शा रोक लिया। आरोप है कि आरोपिताें ने गाली-गलौज करते हुए गुंडा टैक्स नहीं देने की बात कही और लात-घूंसों से मारपीट की। इस दौरान रिक्शे की किस्त जमा करने के लिए रखे नौ हजार रुपये भी जबरन छीन लिए। पीड़ित के मुताबिक, आरोपिताें ने हर महीने दस हजार रुपये देने की मांग करते हुए रुपये नहीं देने पर रिक्शा नहीं चलाने देने और जान से मारने की धमकी दी। न्याय न मिलने पर पीड़ित ने मामले की जानकारी जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद काे दी।
पीड़ित काे न्याय दिलाने के लिये जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद समर्थकों के साथ शहर कोतवाली के बाहर धरने पर बैठ गए। मंत्री के धरने पर बैठने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लाेग काेतवाली पहुंचे। करीब दो घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान मंत्री मीडिया से दूरी बनाए रहे। अधिकारियाें ने माैके पर पहुंच कर उन्हें वस्तुस्थिति बतायी और कार्रवाई की जानकारी भी दी। बाद में फोन आने पर वह समर्थकों के साथ वहां से चले गए। उनके जाने के बाद समर्थक भी धीरे-धीरे वहां से हट गए।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर सौरभ सिंह ने बताया कि 24 अक्टूबर को लाला भैया का अपने ही गांव के एक व्यक्ति से रिक्शा रुकवाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस को सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तहरीर प्राप्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ कारणों से वह तहरीर नहीं दे पा रहा था।
सीओ के मुताबिक, इसी मामले में मंत्री रामकेश निषाद आए थे। उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई, जिसके बाद वह संतुष्ट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने गंतव्य को चले गए। पुलिस तहरीर प्राप्त कर समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।