प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से स्वागत कर उन्हें बधाई दी।
पूर्व राज्यसभा सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. डीपी वत्स सहित बड़ी संख्या में
हॉकी खिलाड़ी और खेल प्रेमी इस मौके पर मौजूद रहे। दोनों खिलाड़ियों को जीप पर बैठाकर
सम्मानित किया गया और उनके सम्मान में मैदान तक जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा मैदान
भारत माता की जय और खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के नारों से गूंज उठा। गोलकीपर सविता पूनिया ने कहा कि चीन के खिलाफ मुकाबले से पहले पूरी टीम ने
डू एंड डाई के इरादे के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया था।
की टीम मजबूत है, लेकिन सभी खिलाड़ियों ने पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ मुकाबला
खेला और जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि गोलकीपर के तौर पर पेनल्टी स्ट्रोक रोकना उनके
लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षण था। सविता ने कहा कि एशियन गेम्स में भारत पहले भी पदक जीत
चुका है, लेकिन महिला हॉकी टीम ने लंबे अंतराल के बाद स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा
दीपिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच आजाद मलिक को दिया। उन्होंने कहा कि
हिसार के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने जिस तरह उनका स्वागत किया, उससे उनका हौसला
और बढ़ा है। कोच आजाद मलिक ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की जीत से खिलाड़ियों और उनके परिवारों
में खुशी का माहौल है। दोनों ने इसी मैदान पर कड़ी मेहनत की है। उन्होंने उम्मीद जताई
कि श्वेता और दीपिका आगामी ओलंपिक में भी देश का नाम रोशन करेंगी।
पूर्व राज्यसभा सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. डीपी वत्स ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों
ने देश को गौरवान्वित किया है। हरिकृष्ण शर्मा ने बताया कि श्वेता ने हिसार के ब्लूमिंग
डेल्स स्कूल में शिक्षा हासिल की और कड़ी मेहनत के दम पर हरियाणा तथा भारतीय टीम में
जगह बनाई। श्वेता को अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।