नई दिल्ली, 15 अप्रैल । दिल्ली के साकेत कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की नये सिरे से अंतरिम जमानत याचिका पर 20 अप्रैल को सुनवाई करने का आदेश दिया है। एडिशनल सेशंस जज शीतला चौधरी प्रधान ने ये आदेश दिया।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 अप्रैल को अपना जवाब दाखिल किया था। पहले साकेत कोर्ट ने सिद्दीकी को अंतरिम जमानत दी थी। इस आदेश को ईडी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने 01 अप्रैल को अपने आदेश में साकेत कोर्ट को निर्देश दिया कि वो सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर नये सिरे से विचार करे।
साकेत कोर्ट ने 7 मार्च को सिद्दीकी को अपनी पत्नी की कीमोथेरेपी के लिए दो हफ्ते की अंतरिम जमानत दी थी। सिद्दीकी की पत्नी उजमा की कीमोथेरेपी 12 मार्च होनी थी। उच्च न्यायालय ने कहा कि सिद्दीकी की पत्नी की कीमोथेरेपी की डेट निकल गई है। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी नये स्टेटस रिपोर्ट देखकर नये सिरे से फैसला करें।
जावेद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने 18 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया था। फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी लाल किला के पास ब्लास्ट के बाद से ही जांच एजेंसियों के रडार पर थी। इस मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों का संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से पाया गया, जिसके बाद इस यूनिवर्सिटी के खिलाफ जांच शुरु की गई। ईडी ने जावेद को टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।
ईडी ने 16 जनवरी को जावेद अहमद सिद्दीकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच की ओर से दो एफआईआर दर्ज होने के बाद ईडी ने अपनी जांच शुरु की थी। एफआईआर में कहा गया है कि अल फलाह यूनिवर्सिटी ने झूठी सूचना दी कि उसे नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (एनएएसी) की ओर से मान्यता मिल चुकी है। ईडी ने कहा है कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अल फलाह यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अनौपचारिक तौर पर जब्त कर लिया है।
लाल किला के पास 10 नवंबर को कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हुई थी और 32 लोग घायल हो गए थे। यूजीसी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ शिकायत दर्ज की है जिसके बाद क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। यूजीसी की शिकायतों के बाद दिल्ली पुलिस की क्राईम ब्रांच ने जावेद अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था।