सुपौल, 20 अप्रैल । सुपौल में सोमवार को सुपौल डिग्री कॉलेज के सामने स्थित बिजली कार्यालय परिसर में एक दिवसीय सोलर मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सावन कुमार ने किया। मेले का उद्देश्य लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के बारे में विस्तृत जानकारी देना था।
मेले में बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ताओं की भागीदारी देखने को मिली। योजना को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा और कई उपभोक्ताओं ने मौके पर ही आवेदन भी किया। इस दौरान उन उपभोक्ताओं को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिन्होंने पहले से अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर स्वच्छ ऊर्जा को अपनाया है। जिला पदाधिकारी ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर उनके प्रयासों की सराहना की।
डीएम सावन कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य आम लोगों को बढ़ते बिजली बिल से राहत दिलाना और स्वच्छ व स्थायी ऊर्जा को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि आवासीय ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक भवनों की छतों पर भी सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन किया जा सकता है। जरूरत के अनुसार उपभोक्ता एक, दो या तीन किलोवाट क्षमता का सोलर सिस्टम अपनी छत पर स्थापित कर सकते हैं।
सरकार की ओर से इस योजना के तहत आकर्षक सब्सिडी भी दी जा रही है। तीन किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर लगभग 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिलती है, जबकि दो किलोवाट पर करीब 60 हजार रुपये और एक किलोवाट पर लगभग 30 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है।
डीएम ने कहा कि सोलर सिस्टम लगाने से उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है, जिससे लंबे समय में बड़ी आर्थिक बचत होती है। उन्होंने वैश्विक तापमान वृद्धि को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना बेहद जरूरी है।
मेले में मौजूद विद्युत विभाग के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने लोगों को सोलर पैनल की लागत, उपयुक्त क्षमता के चयन, इंस्टॉलेशन प्रक्रिया, रखरखाव और संभावित बचत के बारे में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इच्छुक लोगों के आवेदन भी मौके पर ही स्वीकार किए गए। कार्यक्रम के अंत में विद्युत विभाग ने जिले के सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा अपनाकर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दें।