चतरा, 30 मई । केंद्रीय आदिवासी सरना प्रार्थना सभा जय सरना ट्रस्ट के तत्वावधान में शनिवार को पत्थलकुदवा सरना स्थल से 11 दिवसीय सरना धर्म यात्रा का शुभारंभ किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य आदिवासी समाज को नशामुक्त, शिक्षित और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना बताया गया है।
इस यात्रा का नेतृत्व केंद्रीय अध्यक्ष धरम गुरु कृष्णा उरांव कर रहे हैं, जबकि इसका संचालन अधिवक्ता किरण मुंडा के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। यह यात्रा चतरा और हजारीबाग जिलों के विभिन्न गांवों का भ्रमण करते हुए समाज में जागरूकता फैलाएगी।
यात्रा के पहले दिन अधिवक्ता किरण मुंडा ने कहा कि शिक्षा से जुड़कर और नशे से दूर रहकर ही समाज का समग्र विकास संभव है। उन्होंने आदिवासी समाज से एकता बनाए रखने और जल, जंगल एवं जमीन की रक्षा करते हुए अपनी परंपरा एवं संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया।
यात्रा का संचालन बबलु उरांव और सत्या कुजुर की देखरेख में किया जा रहा है। यह अभियान चतरा जिले के मादगढ़ा, कोल्हैया, डाहा और पाराडीह पंचायत सहित विभिन्न गांवों से होकर गुजरा। इस दौरान यात्रा में शामिल लोगों ने चतरा अंचल स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर और दिशुम गुरु शिबू सोरेन के स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा के पहुंचने पर लोगों ने पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ इसका गर्मजोशी से स्वागत किया और कई स्थानों पर भावनात्मक विदाई भी दी गई।
इस यात्रा में छोटू मिंज, सुनील कच्छप, मनोज कच्छप, आशा लकड़ा, रीना देवी, नेहा कच्छप, पिंकी टोप्पो, इंदु कच्छप, अंजली कच्छप, दिशा कच्छप सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।————-