जयपुर, 15 अगस्त । मानसून ट्रफ के उत्तर भारत के राज्यों की ओर शिफ्ट होने से राजस्थान में बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। शुक्रवार को भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग के साथ उदयपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में 18 अगस्त तक पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। जयपुर और भरतपुर संभाग के लिए बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। इससे प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिलहाल कमी रहने के आसार हैं।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान अलवर जिले में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहा। टहला में 64 मिलीमीटर, तिजारा में 60, लक्ष्मणगढ़ में 39, किशनगढ़बास में 30, अलवर शहर में 30, खैरथल में 25 और प्रतापगढ़ में 29 मिलीमीटर बारिश हुई। तेज बारिश के कारण अलवर शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया। लगातार बारिश से सिलीसेढ़ और मानसरोवर झीलों का जलस्तर भी 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है।
इसी तरह भरतपुर के नगर में 47 मिलीमीटर, नदबई में 26 और कुम्हेर में 17 मिलीमीटर बारिश हुई। सवाई माधोपुर के बामनवास में 44, करौली के टोडाभीम में 32 और सपोटरा में 17 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा राजसमंद के रेलमगरा में 24, सिरोही के पिंडवाड़ा में 21, माउंट आबू में 16, उदयपुर के गोगुंदा में 12 और बांसवाड़ा में 13 मिलीमीटर बारिश मापी गई।
इनके अलावा टोंक, सीकर, पाली, झालावाड़, हनुमानगढ़, धौलपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, डूंगरपुर, भीलवाड़ा, बारां और अजमेर जिलों में भी कई स्थानों पर बारिश हुई।
हालांकि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने से मानसून का प्रभाव फिलहाल पूर्वी राजस्थान तक ही ज्यादा देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी दिनों में बारिश का मुख्य जोर पूर्वी राजस्थान के जिलों में रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने से वहां बारिश की गतिविधियों में कमी जारी रह सकती है। ऐसे में प्रदेश में मानसून का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, लेकिन इसकी सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ गई है।