नरसिंहपुर, 30 मई । मध्यप्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रस्तावित छिंदवाड़ा-करेली-सागर रेल लाइन क्षेत्र की दशा और दिशा बदलने वाली महत्वाकांक्षी परियोजना साबित होगी। इस रेल मार्ग के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि रोजगार, व्यापार और औद्योगिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे।
शनिवार को अपने गृह ग्राम लोलरी स्थित निवास पर तेंदूखेड़ा और करेली क्षेत्र के नागरिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर रेल परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय पहल करने का आग्रह किया। इस दौरान मंत्री राव ने कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने इस परियोजना को लेकर लगातार प्रयास किए थे और उन्हें विश्वास है कि भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आधारभूत संरचना परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में कई प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियां आती हैं, जिसके कारण समय लगता है। हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास जारी रहेंगे।
गौरतलब है कि छिंदवाड़ा-करेली-सागर रेल लाइन की मांग क्षेत्रवासी कई दशकों से करते आ रहे हैं। रेलवे द्वारा इस परियोजना का सर्वेक्षण कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है और नया डीपीआर भी तैयार बताया जा रहा है। अब परियोजना के लिए बजट आवंटन की प्रतीक्षा है।
प्रस्तावित रेल मार्ग की कुल लंबाई लगभग 279 किलोमीटर बताई जा रही है। इस रूट पर चार मौजूदा रेलवे स्टेशनों के अलावा 24 नए स्टेशन विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। यह रेल लाइन छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और सागर जिलों को जोड़ते हुए सतपुड़ा और बुंदेलखंड क्षेत्र के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस रेल परियोजना के पूरा होने से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच यात्रा दूरी कम होगी। नागपुर, दिल्ली और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ हजारों गांवों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, पर्यटन और उद्योग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रतिनिधिमंडल ने रेल लाइन को क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार से जल्द स्वीकृति और बजट आवंटन की मांग की है। वहीं मंत्री उदय प्रताप सिंह के सकारात्मक रुख के बाद क्षेत्रवासियों में एक बार फिर इस लंबे समय से लंबित परियोजना के साकार होने की उम्मीद जगी है।