श्री रामलला पूजा समिति ने शुरू की दुर्गा पूजा की तैयारी, स्वरवेद महामंदिर धाम की प्रतिकृति बनेगी आकर्षण का केंद्र

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रांची, 31 मई । आगामी श्री दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर श्री रामलला पूजा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को मेन रोड स्थित संकट मोचन मंदिर के तीसरे तल के सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी ने की। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों, संरक्षकों और सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया तथा दुर्गा पूजा के भव्य आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की।

बैठक की शुरुआत समिति अध्यक्ष अशोक चौधरी ने उपस्थित श्रद्धालुओं एवं सदस्यों के स्वागत के साथ की। उन्होंने कहा कि समिति पिछले दो वर्षों से भव्य एवं आकर्षक स्वरूप में दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है और इस वर्ष भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण प्रस्तुत किया जाएगा।

समिति के महासचिव कुणाल अजमानी ने बताया कि आगामी 11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव को इस बार और अधिक भव्य स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में समिति के पदाधिकारियों ने अध्यक्ष अशोक चौधरी के नेतृत्व में वाराणसी स्थित स्वरवेद महामंदिर धाम का भ्रमण किया था। इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष रांची जिला स्कूल मैदान में स्वरवेद महामंदिर धाम की भव्य प्रतिकृति तैयार की जाएगी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में समिति ने अपने प्रथम वर्ष में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति तैयार की थी, जबकि वर्ष 2025 में गुजरात के भुज स्थित स्वामीनारायण मंदिर के स्वरूप को पूजा पंडाल के रूप में प्रस्तुत किया गया था। दोनों वर्षों में लाखों श्रद्धालुओं ने पंडाल का अवलोकन किया और समिति के प्रयासों की सराहना की।

अध्यक्ष अशोक चौधरी ने बताया कि स्वरवेद महामंदिर धाम की प्रतिकृति का निर्माण एक बड़ी और चुनौतीपूर्ण परियोजना होगी। इसके निर्माण में लगभग 60 दिनों का समय लगेगा। इसलिए अगस्त माह में विधिवत भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समिति का प्रयास रहेगा कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिकता, संस्कृति और भारतीय वास्तुकला का अद्भुत संगम देखने को मिले।

बैठक के दौरान स्वरवेद महामंदिर धाम की विशेषताओं की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि वाराणसी के सारनाथ से लगभग चार किलोमीटर दूर उमरहा गांव में स्थित यह भव्य मंदिर वर्ष 2023 में बनकर तैयार हुआ था। लगभग तीन लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला यह सात मंजिला परिसर विश्व के सबसे बड़े ध्यान केंद्रों में से एक माना जाता है, जहां एक साथ करीब 20 हजार लोग ध्यान कर सकते हैं। मंदिर की ऊंचाई लगभग 180 फीट है तथा इसके निर्माण में मकराना संगमरमर और गुलाबी बलुआ पत्थरों का उपयोग किया गया है। इसकी दीवारों पर स्वरवेद के हजारों श्लोक उत्कीर्ण हैं।

समिति के अनुसार, इस महामंदिर का उद्घाटन वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उसके शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर किया था। मंदिर के गर्भगृह में सद्गुरु की प्रतिमा स्थापित है और इसकी भव्य वास्तुकला श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती है। रात्रि में रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित होने पर इसका स्वरूप और भी आकर्षक दिखाई देता है।

महासचिव कुणाल अजमानी ने पिछले वर्ष दुर्गा पूजा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन में सहयोग के लिए जिला प्रशासन, उपायुक्त, एडीएम तथा अन्य अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से ही विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

समिति के मुख्य संरक्षक रांची के सांसद और रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ हैं, जबकि संरक्षकों में दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा, योगेंद्र प्रसाद, राजेश कश्यप, संजय यादव, सीपी सिंह और नवीन जायसवाल शामिल हैं।

इस अवसर पर समिति के संरक्षक एवं विधायक सीपी सिंह ने कहा कि श्री राम लला पूजा समिति राज्य की प्रमुख पूजा समितियों में से एक है। उन्होंने सभी सदस्यों से तन, मन और धन से सहयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि समिति को जब भी किसी प्रकार की आवश्यकता होगी, वह हरसंभव सहयोग के लिए उपलब्ध रहेंगे।

बैठक के दौरान पंजाबी हिंदू बिरादरी का अध्यक्ष मनोनीत होने पर समिति के महासचिव कुणाल अजमानी को पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।

बैठक में कोषाध्यक्ष प्रकाश धेलिया, उपाध्यक्ष प्रेमचंद श्रीवास्तव, धीरज तनेजा, रोहित अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, सह सचिव राजू पोद्दार, मनीष सराफ, प्रवीण सिंह, सह कोषाध्यक्ष दीपक चौधरी, प्रवक्ता प्रमोद सारस्वत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे।————