अनूपपुर, 10 जून । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर में कांग्रेस ने एक दिवसीय उपवास और विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन चौक पर कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपवास पर बैठे।
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को निरस्त कर दिया गया था। भाजपा की आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने यह कार्रवाई की थी। भाजपा का आरोप है कि नटराजन ने हैदराबाद की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी नामांकन पत्र में दर्ज नहीं की थी।
बुधवार को आयोजित उपवास कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान सहित मुठ्ठी भर पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न मोर्चा-प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने नामांकन निरस्तीकरण को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान ने कहा मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई विधिवत आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और चुनाव आयोग के समक्ष यही तथ्य विस्तार से रखे गए हैं। रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यवाही भाजपा की पूर्व निर्धारित रणनीति का हिस्सा थी। जिस तरह पहले विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे, उसी तरह अब राज्यसभा की एक सीट भी छीनी गई है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे केवल एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि मतदाताओं और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा मानती है, साथ ही उन्होंने महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व के सवाल को भी उठाते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का भी आरोप लगाया।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और संगठन महासचिव संजय कांबले के निर्देश पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी।
कांग्रेसजनों ने भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। निर्वाचन आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने को लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक व्यवस्था पर सीधा आघात है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह उपवास केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए किया गया शांतिपूर्ण आंदोलन है। जिला मुख्यालय के साथ विभिन्न ब्लॉक मुख्यालयों पर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया।