रांची, 17 जून । झारखंड उच्च न्यायालय में दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति से जुड़े मामले में न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए प्रार्थी सुचिता शर्मा और अर्चना कुमारी को राहत प्रदान की है। अदालत ने दोनों शिक्षिकाओं की याचिका स्वीकार करते हुए डोरंडा गर्ल्स मिडिल स्कूल को निर्देश दिया कि उन्हें उनकी नियुक्ति पत्र के अनुसार 12 मई 2023 और 17 मई 2023 की जॉइनिंग तिथि से विद्यालय में कार्य करने की अनुमति दी जाए।
साथ ही अदालत ने रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) को आदेश दिया कि वह 30 दिनों के भीतर उनकी नियुक्ति की औपचारिक स्वीकृति जारी करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी नियुक्ति 17 मई 2023 से काल्पनिक रूप से मानी जाएगी तथा उन्हें सभी परिणामी सेवा लाभ दिए जाएंगे, हालांकि पिछला वेतन देय नहीं होगा।
मामले में प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन ने पक्ष रखा।
दरअसल, दोनों शिक्षिकाओं की नियुक्ति 12 मई 2023 को हुई थी और उन्होंने 17 मई 2023 को विद्यालय में योगदान भी दे दिया था। बाद में जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई), रांची ने 30 मई 2024 के आदेश (मेमो संख्या 1880) के माध्यम से उनकी नियुक्ति की स्वीकृति देने से इनकार कर दिया था, जिसे प्रार्थियों ने झारखंड उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
अदालत ने पाया कि दोनों शिक्षिकाओं के पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यताएं मौजूद थीं और नियुक्ति प्रक्रिया में उनकी ओर से कोई त्रुटि नहीं थी। अदालत ने टिप्पणी की कि जब उन्होंने योगदान दे दिया था, तो प्रशासनिक स्तर पर स्वीकृति न देना उचित नहीं था।———