नई दिल्ली, 10 अगस्त । ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने वाली कंपनी धूत ट्रांसमिशंस का 3,066.89 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 12 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 13 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 14 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 अगस्त को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 829 रुपये से लेकर 871 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 17 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 17 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,807 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,92,491 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 221 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,52,18,047 शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 1,400 करोड़ रुपये के 1,60,80,445 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं, जबकि लगभग 1,667 करोड़ रुपये के 1,91,37,602 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए ज्यादा से ज्यादा 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए कम से कम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए एक्सिस कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
धूत ट्रांसमिशंस की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 298.75 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 353.89 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 396.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 2,799.32 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3,472.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4,563.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 554.90 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 776.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 841.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 724.24 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 961.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,360.40 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 741.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 978.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 2,397.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 512.40 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 590.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 710.99 करोड़ रुपये के स्तर पर था।