आंगन से अंतरिक्ष तक अपनी उड़ान भर रही हैं आज की छात्राएं : अपर्णा यादव

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अयोध्या, 01 अक्टूबर । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अवध प्रांत, अयोध्या महानगर द्वारा ‘क्षितिजा: आंगन से अंतरिक्ष तक’ युवती सम्मेलन का आयोजन अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में गुरुवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि अपर्णा बिष्ट यादव, मुख्य वक्ता एवं अभाविप अवध प्रांत अध्यक्ष प्रो. नीतू सिंह, विशिष्ट अतिथि प्रो. नीलम पाठक, स्वागत समिति अध्यक्ष श्रीमती रोली सिंह, स्वागत समिति मंत्री बबीता सिंह एवं अयोध्या महानगर मंत्री जय रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया।

सम्मेलन में युवतियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सम्मान एवं नेतृत्व जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान दो प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें पहला प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में युवतियों एवं महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास को सुदृढ़ कर आत्मनिर्भरता एवं अर्थव्यवस्था में समान अवसर सुनिश्चित करने तथा दूसरा प्रस्ताव महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं नेतृत्व को बढ़ावा देते हुए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने से संबंधित रहा।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि अपर्णा बिष्ट यादव ने कहा, “हमारी माताओं और दादियों ने सदियों तक आंगन को संभाला, लेकिन आज की छात्राएँ आंगन से निकलकर अंतरिक्ष तक अपनी उड़ान भर रही हैं। आज की युवतियों के सामने किसी भी क्षेत्र की सीमा नहीं है। विज्ञान, शिक्षा, प्रशासन, खेल, सेना, राजनीति और अंतरिक्ष सहित प्रत्येक क्षेत्र में युवतियाँ अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं। पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को और मजबूत करना आवश्यक है।

अभाविप अवध प्रांत अध्यक्ष प्रो. नीतू सिंह ने कहा, “युवतियाँ केवल दर्शक नहीं, बल्कि परिवर्तन की नेतृत्वकर्ता बनें। परिवार में संस्कार और समाज में नेतृत्व—दोनों क्षेत्रों में युवतियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवती केवल समाज का भविष्य नहीं है, बल्कि वह वर्तमान समाज को दिशा देने वाली शक्ति भी है। आज आवश्यकता है कि युवतियाँ अपनी प्रतिभा, क्षमता और नेतृत्व का उपयोग समाज के सकारात्मक परिवर्तन के लिए करें। सोशल मीडिया का उपयोग केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर जागरूकता, रचनात्मकता और समाजहित के कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।”

विशिष्ट अतिथि प्रो. नीलम पाठक ने कहा कि आज की युवती केवल शिक्षा प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।