नूंह, 12 अगस्त । नाबालिग किशोरी से छेड़छाड़ और पीड़ित परिवार के साथ मारपीट के करीब आठ साल पुराने मामले में नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल पोक्सो अदालत ने बुधवार काे एक आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार मामला 2018 का है। पिनगवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि छह जून 2018 की अलसुबह उसकी 17 वर्षीय बेटी घर से कूड़ा फेंकने गई थी। आरोप है कि रास्ते में गांव के ही दो युवकों ने उसके साथ अश्लील हरकत की और उसे जबरन पकड़ने का प्रयास किया। किशोरी किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, जब परिजन आरोपियों के घर इस घटना की शिकायत करने पहुंचे तो अगले दिन सुबह दोनों आरोपियों समेत करीब एक दर्जन लोग लाठी-डंडों से लैस होकर पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए। आरोप है कि आरोपियों ने घर में मौजूद महिलाओं और पुरुषों के साथ मारपीट की। इस दौरान परिवार की एक गर्भवती महिला को भी चोटें आईं और बाद में उसका गर्भपात हो गया। मामले की सुनवाई नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल पोक्सो अदालत में हुई। अदालत ने पांच अगस्त को एक आरोपी को दोषी करार दिया था। इसके बाद 11 अगस्त को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजान ने दोषी को पोक्सो एक्ट की धारा 10 के तहत पांच साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद करीब आठ साल पुराने मामले में पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है।