नई दिल्ली, 13 अगस्त । जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों की सीबीआई जांच तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने गुरुवार को देशभर में प्रदर्शन किया। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, हैदराबाद, कोलकाता, गुवाहाटी, अहमदाबाद, सूरत, गोरखपुर, जोधपुर, कोटा, रायपुर, भुवनेश्वर, वाराणसी और प्रयागराज समेत कई शहरों एवं विश्वविद्यालय परिसरों में विद्यार्थियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली में वसंत विहार स्थित झारखंड भवन के बाहर अभाविप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए झारखंड सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने जेएसएससी सीजीएल सहित उन परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की, जिनकी शुचिता पर गंभीर सवाल उठे हैं।
अभाविप का आरोप है कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर झारखंड के विद्यार्थी पिछले कई दिनों से आंदोलनरत हैं। संगठन के अनुसार, 10 और 11 अगस्त को प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज, वॉटर कैनन के इस्तेमाल और गिरफ्तारी की कार्रवाई के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन किया गया।
अभाविप ने जांच के लिए गठित एसआईटी में बार-बार बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय सीबीआई जांच की मांग की। संगठन ने कहा कि अनियमितताओं में दोषी पाए जाने वाले लोगों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं की अनियमितताओं की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने जेएसएससी सीजीएल समेत संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द कर पुनः परीक्षा कराने तथा परीक्षा व्यवस्था में आवश्यक संस्थागत सुधार की मांग की।
राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार ने कहा कि झारखंड के विद्यार्थी अपने भविष्य और न्यायसंगत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मांगों पर उचित कार्रवाई होने तक अभाविप का लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों का संघर्ष अकेला नहीं है। दिल्ली समेत देशभर में हुए प्रदर्शन विद्यार्थी शक्ति की एकजुटता को दर्शाते हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की।