नई दिल्ली, 13 अगस्त । असम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को दोनों राज्यों के सांसदों ने केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की। जिसका मुख्य उद्देश्य सीमा पर शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखना था।
किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, “असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच का रिश्ता बहुत गहरा है, जो कई पीढ़ियों से भाईचारे, स्नेह और आपसी सम्मान पर टिका है। बातचीत के जरिए हम अपने मतभेदों को सुलझा रहे हैं और भले ही हर मुद्दे का समाधान न निकले, हम इस रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे। शायद हमारी सीमाएं अलग-अलग हों लेकिन हमारे दिल एक हैं।”
उल्लेखनीय है कि असम-अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाके में गुरुवार को शिलापाथर-लीकाबली हाईवे पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी। असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना के बाद चल रही आर्थिक नाकेबंदी आज पत्थरबाजी में बदल गई, जिसमें दोनों तरफ से प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सीआरपीएफ जवानों पर हमला किया।
इस घटना की शुरूआत 10 अगस्त को धेमाजी के गेरुकामुख पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गोगामुख रेवेन्यू सर्कल में असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित मिंगमांग बस्ती में गोलीबारी से हुई, जिसमें लगभग 11 लोग घायल हो गए। बताया जाता है कि यह घटना अरुणाचल प्रदेश के लोगों द्वारा असम की जमीन पर कथित कब्ज़े को लेकर हुए विवाद के बाद हुई।