रामगढ़, 22 अगस्त । मां छिन्नमस्तिका आयरन एंड स्टील प्लांट में हादसे के बाद प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि पावर प्लांट का कंट्रोल रूम पहले ही अधिक तापमान होने का संकेत दे रहा था। वहां एसी खराब होने के कारण काम करना भी मुश्किल हो गया था। कर्मचारियों की ओर से कई बार प्रबंधन को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन किसी प्रकार से प्रबंधन की ओर से एक्शन नहीं लिया गया, ना ही कूलिंग व्यवस्था को दुरुस्त किया गया।
हादसे के बाद शनिवार को आक्रोशित लोगों ने रामगढ़-पतरातु मार्ग को जाम कर दिया। पुलिस और प्रबंधन मुआवजे को लेकर आक्रोशित लोगों से बात कर रहे हैं। मृतकों के आश्रितों के लिए मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपए की मांग रखी गई है। समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकृत व्यक्ति प्लांट के पास नहीं पहुंचा है, ना ही ग्रामीणों और मृतक के आश्रितों के साथ किसी प्रकार की बात की गई है।
घटनास्थल पर पहुंचे बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी ने रुंगटा ग्रुप पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि रामगढ़ जिले में रुंगटा ग्रुप के कई प्लांट हैं जहां पिछले एक महीने में सेफ्टी नॉर्म्स को ताख पर रहकर मजदूरों से काम कराया जा रहा है। सभी प्लांट में दुर्घटनाएं सिर्फ लापरवाही की वजह से हुई हैं। वे लोग काम करने वाले कामगारों और मजदूरों की जान को सस्ता समझ चुके हैं। उन्होंने कहा कि रामगढ़ डीसी से भी इस मुद्दे पर बात हुई है और जब तक सेफ्टी नॉर्म्स पर कोई भी प्लांट प्रबंधन अगर खरा नहीं उतरता है तो उसे काम बंद करना चाहिए।
हादसे के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बावला और आजसू जिला अध्यक्ष दिलीप दांगी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता प्लांट के बाहर पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्लांट के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। साथ ही रामगढ़ और पतरातू मार्ग को भी जाम कर दिया गया। लोगों ने मृतक के परिजनों के साथ न्याय करने की मांग की। दोनों दलों ने कहा कि रुंगटा ग्रुप घोर लापरवाही के साथ प्लांट का संचालन कर रहा है।
घटनास्थल पर दंडाधिकारी के रूप में पतरातू अंचल अधिकारी मनोज चौरसिया, इंस्पेक्टर गजेंद्र पांडे, बरकाकाना ओपी प्रभारी उमाशंकर वर्मा, भदानी नगर ओपी प्रभारी अख्तर अली, भुरकुंडा ओपी पुलिस उपेन्द्र कुमार मौजूद थेे।