धमतरी, 23 अगस्त । ग्रामीण अंचल के बच्चों और युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की दिशा में मगरलोड में अत्याधुनिक रोबोटिक्स एवं 3-डी प्रिंटिंग लैब विकसित की जा रही है।
शिक्षा विभाग की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, 3-डी प्रिंटिंग, डिजाइन, प्रोग्रामिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवाचार जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है। लैब के माध्यम से बच्चे केवल किताबों तक सीमित न रहकर तकनीक को प्रयोग के जरिए समझ सकेंगे और अपनी कल्पनाओं को मॉडल व प्रोटोटाइप के रूप में साकार कर सकेंगे। इस पहल की नींव स्थानीय युवाओं की रुचि और सहभागिता से मजबूत हुई है। हाल ही में मगरलोड में आयोजित रोबोटिक्स वर्कशॉप में विद्यार्थियों और युवाओं को रोबोटिक्स तकनीक, मॉडल निर्माण, प्रोग्रामिंग और तकनीकी प्रयोगों की जानकारी दी गई।
वर्कशॉप में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा भी पहुंचे और विद्यार्थियों से संवाद कर उनके आइडिया सुने तथा उनकी रचनात्मक सोच की सराहना करते हुए प्रोत्साहित किया। प्रस्तावित लैब ‘लर्निंग बाय डूइंग’ का प्रभावी मंच बनेगी, जहां विद्यार्थी स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने के साथ नवाचार आधारित परियोजनाओं पर काम कर सकेंगे। आगे चलकर यह केंद्र युवाओं को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में भी मार्गदर्शन देने का माध्यम बन सकता है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि मगरलोड में रोबोटिक्स और 3-डी प्रिंटिंग लैब का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों और युवाओं को भविष्य की तकनीकों से परिचित कराना तथा उनकी रचनात्मक क्षमता को अवसर देना है। उनका कहना है कि ग्रामीण विद्यार्थी आधुनिक तकनीक को केवल देखें नहीं, बल्कि उसे समझें, प्रयोग करें और अपने विचारों को नवाचार में बदलें। स्थानीय युवाओं की सहभागिता से विकसित यह पहल शिक्षा को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।