राजस्थानी संस्कृति को विश्व मंच तक पहुंचाएगा ‘केसरिया प्रोडक्शन’

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जयपुर, 30 अगस्त । राजस्थान की आन-बान-शान, समृद्ध संस्कृति और सनातन परंपराओं को आधुनिक माध्यमों के जरिए देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को केसरिया प्रोडक्शन का शुभारंभ हुआ। प्रोडक्शन हाउस के जरिए राजस्थान की लोक संस्कृति, कला, संगीत, परंपराओं और राजस्थानी परिवेश को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ नई प्रतिभाओं को मंच देने की पहल की गई है।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा किसान मोर्चा राजस्थान के प्रदेश संयोजक ईश भारद्वाज ने कहा कि भारतीय सिनेमा ने देशभक्ति और संस्कृति से जुड़े विषयों को विश्व स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केसरिया प्रोडक्शन राजस्थान की संस्कृति और सनातन विरासत को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, उन्हें अवसर और मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

प्रोडक्शन हाउस के प्रमोटर हर्ष भारद्वाज ने कहा कि राजस्थान का केसरिया केवल रंग नहीं, बल्कि वीरता, गौरव, त्याग, परंपरा और संस्कृति का प्रतीक है। इसी भाव को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रोडक्शन हाउस की शुरुआत की गई है। राजस्थानी परिवेश और संस्कृति को आधुनिक तकनीक एवं सोच के साथ प्रस्तुत कर ऐसा कंटेंट तैयार किया जाएगा, जो देश-विदेश के दर्शकों को राजस्थान की मिट्टी से जोड़ सके।

इस कार्यक्रम में पूनम आचार्य, किशोर टांक, पंजाबी गायक कुशाल जाट, मीना आसोपा, नीरज चतुर्वेदी, एम. इकबाल बबलू, पुष्पलता आत्रेय, कुलदीप सिंह राणा, गिरीश माथुर, विनोद बराडिया, पीयूष गोयल, सुरेश मीणा, मंजू जोशी, देवेंद्र राठौर और विजय मलकानी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

वक्ताओं ने कहा कि राजस्थान के लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान, कला, स्थापत्य, वीरगाथाएं और सनातन जीवन मूल्य इसकी विशिष्ट पहचान हैं। आधुनिक सिनेमा और डिजिटल माध्यमों के जरिए इन विरासतों को नई पीढ़ी और वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया जा सकता है। आयोजकों ने कहा कि परंपरा से जुड़े रहते हुए आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना ही प्रोडक्शन हाउस का लक्ष्य है।