मप्र के चित्रकूट में भारी बारिश से लगातार बढ़ रहा मंदाकिनी का जलस्तर, जिला प्रशासन अलर्ट

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सतना, 02 सितंबर । मध्य प्रदेश के सतना जिले की पर्यटन नगरी चित्रकूट में लगातार हो रही भारी बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को सुबह प्रातः 7 बजे मंदाकिनी नदी का जलस्तर 126 मीटर था, जो अपरान्ह 3.30 बजे तक बढकर 129.15 मीटर तक पहुंच गया है। शाम 5 बजे की स्थिति में मंदाकिनी नदी का जल स्तर 129 मीटर पर स्थिर रिकार्ड किया गया है।

चित्रकूट के शहरी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी उतरने से जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित नागरिकों को राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ साफ-सफाई, जल निकासी, स्वास्थ्य जांच, पेयजल शुद्धिकरण और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता से कराया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस एवं पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी विगत चार दिनों से चित्रकूट में ही रहकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सतत भ्रमण कर राहत एवं पुनर्वास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

बुधवार को भी अधिकारियों ने वर्षा के बीच विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर साफ-सफाई, जल निकासी एवं पुनर्वास कार्यों का जायजा लिया तथा मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर लगातार निगाह बनाए रखी।

कलेक्टर और एसपी ने भ्रमण के दौरान आरोग्यधाम क्षेत्र में बुधवार को मंदाकिनी की बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान राघव प्रयाग घाट क्षेत्र से नदी का पानी उतर चुका था। बाढ़ की स्थिति सामान्य होकर पानी धीरे-धीरे कम हो रहा था। बारिश के फलस्वरूप मंदाकिनी नदी के जल स्तर में वृद्धि हुई और शाम 4 बजे तक पुरानी लंका तिराहे तक मंदाकिनी नदी का पानी पहुंच चुका था।

परिक्रमा मार्ग से पानी की निकासी

चित्रकूट के परिक्रमा मार्ग में जमा पानी को पंप के माध्यम से निकाला जा रहा है। नगर परिषद द्वारा जल निकासी एवं साफ-सफाई के कार्य लगातार कराए जा रहे हैं। विभिन्न वार्डों और जलभराव वाले क्षेत्रों में नालियों की सफाई कर पानी की निकासी सुनिश्चित की जा रही है। नगर परिषद चित्रकूट के शेड में राहत एवं आवश्यक कार्यों के लिए दो ट्रक सूखी लकड़ी रखवाई गई है, जिसका उपयोग ईंधन की आवश्यकता के लिए किया जाएगा।

बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुंच रहा राहत सामान

बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए त्रिपाल एवं सूखा राशन वाहनों में लोड कर प्रभावित घरों तक पहुंचाया जा रहा है। बुधवार को विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 के प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री भेजी गई। प्रशासन का प्रयास है कि जरूरतमंद परिवारों को उनकी आवश्यकता के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही प्रमोदवन बस स्टैंड एवं सियाराम कुटीर क्षेत्र में भोजन का वितरण किया गया। श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा भी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए पके हुए भोजन के पैकेट उपलब्ध कराकर वितरण कराया जा रहा है।

स्वास्थ्य शिविरों में जांच और उपचार

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं। संतोषी अखाड़ा, रामघाट के पास ठहरे लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार टी.टी. के इंजेक्शन लगाए गए। चित्रकूट में चार स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाये गये है। जहां लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। एसडीएम मझगवां द्वारा सूचना मिलने पर नयागांव थाने के पास बेहोश हुए एक मरीज के उपचार के लिए स्वास्थ्य टीम तत्काल मौके पर पहुंची। मरीज का उपचार किया गया और उसकी स्थिति में सुधार बताया गया। एम.पी. बिरला अस्पताल, सतना द्वारा भी चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित नागरिकों के लिए स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित बनाने हैंडपंपों में क्लोरीनेशन

बाढ़ के बाद पेयजल स्रोतों की शुद्धता बनाए रखने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों का क्लोरीनेशन कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हैंडपंपों में जर्मेक्स डालकर पानी को सुरक्षित बनाने की कार्यवाही की जा रही है। वहीं चित्रकूट की पेयजल व्यवस्था को शीघ्र सामान्य करने के लिए इंटेकवेल की मोटर खुलवाकर मरम्मत के लिए भेजने की कार्रवाई भी की जा रही है।

भोजन की गुणवत्ता की सघन जांच

बाढ़ प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी के संयुक्त दल द्वारा सामुदायिक रसोइयों, राहत शिविरों तथा अन्य उन सभी स्थलों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है, जहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन तैयार किया जा रहा है। राहत के रूप में वितरित किए जा रहे फूड पैकेट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित भोजन उपलब्ध हो सके।

शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों में जल निकासी तेज

चित्रकूट के साथ-साथ सतना शहर में भी वर्षा के पानी की निकासी के लिए नगर निकाय द्वारा लगातार कार्य कराया जा रहा है। वार्ड क्रमांक 23 में सरस्वती चौक के पास नाली का मलबा हटवाकर जल निकासी कराई गई। भाजपा कार्यालय के पास भी जल निकासी का कार्य जारी है। वहीं वार्ड क्रमांक 44 के बाईपास क्षेत्र में बरसात के पानी की निकासी के लिए आवश्यक व्यवस्था बनाई जा रही है। खेरमाई रोड पुल पर लगे पानी के जाम को खुलवाने के लिए भी प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जा रही है। पुष्पराज कॉलोनी सहित जलभराव वाले अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति पर नजर रखकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों एवं मैदानी अमले को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की टीमें प्रभावित नागरिकों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल, राहत सामग्री और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने में जुटी हैं।

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रहने के दिए निर्देश

मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार सतना जिले में आगामी 24 घंटे में 115 से 204 मिली मीटर तक भारी वर्षा के मद्देनजर कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने जिले के नागरिकों से सतर्क रहने, निचले और तटीय इलाकों के निवासियों को ऊंचे सुरक्षित स्थल पर पहुंचने तथा बाढ़ और नदी नालों जलाशयों के निकट नहीं जाने की अपील की है।

सतना, मैहर, रीवा सहित अन्य जिलों के कलेक्टरों को वायरलेस संदेश भेजकर आगामी 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की चेतावनी के संबंध में आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आज से कल सुबह 8 बजे तक सतना जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। पूर्वानुमान के अनुसार जिले में आगामी 24 घंटे में 115 से 204 मिलीमीटर तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। भारी बारिश के मद्देनजर नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि, निचले क्षेत्रों में जलभराव तथा आवागमन प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने जिलेवासियों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों, पुल-पुलियों तथा जलभराव वाले स्थानों के पास जाने से बचें। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित प्रशासनिक एवं राहत दल को सूचना देने की अपील की है। कलेक्टर ने जिले के अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा संभावित परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक तैयारियां एवं सतर्कता बरती जा रही है।