जगदलपुर, 10 सितंबर । पर्यावरण संरक्षण और मातृशक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से आज गुरूवार काे नगर पालिक निगम जगदलपुर, वन विभाग तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक पेड़ माँ के नाम 3.0’ हरित राष्ट्रीय राजमार्ग पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन कुम्हड़ाकोट स्थित जनजातीय गौरव वाटिका के समक्ष किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पांडे और जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मंच पर मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रदेशवासियों को पारंपरिक लोकपर्व पोला की बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि त्योहार के माहौल और पूजा-अर्चना के समय में भी नागरिकों का इतनी बड़ी संख्या में जुटना पर्यावरण के प्रति उनकी गहरी निष्ठा को दर्शाता है। साव ने नगर निगम टीम और महापौर की विशेष सराहना करते हुए कहा कि सामान्यतः नगरीय निकाय केवल निर्माण कार्यों तक सीमित रहते हैं, लेकिन जगदलपुर को स्वच्छ, सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए यह पौधारोपण अभियान एक जिम्मेदार नागरिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शहर के अधोसंरचना विस्तार, विकास कार्यों और हर घर तक नल से जल पहुंचाने की योजनाओं में फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। बस्तर की प्राकृतिक छटा, चित्रकूट जलप्रपात और माँ दंतेश्वरी की महिमा का उल्लेख करते हुए उन्होंने नागरिकों से शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने में साझी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पुनीत आह्वान अब एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अकेले वन विभाग के माध्यम से प्रदेश भर में साढ़े सात करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है। वैश्विक जलवायु संकट पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इसका सबसे प्रभावी समाधान व्यापक वृक्षारोपण ही है, क्योंकि प्रकृति का हर पौधा औषधीय महत्व रखता है। बस्तर में आए सुरक्षा और विकास संबंधी बदलावों पर चर्चा करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो चुका है, और वर्ष 2030 तक बस्तर को देश के सबसे विकसित संभाग के रूप में स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भारतीय परंपरा का भावपूर्ण संदर्भ देते हुए कहा कि एक वृक्ष लगाना दस संतानों के लालन-पालन के समान पुण्यदायी कार्य है। उन्होंने बस्तर और चित्रकूट की प्राकृतिक सुंदरता की प्रशंसा करते हुए युवाओं से सोशल मीडिया और रील्स के माध्यम से इसे वैश्विक पर्यटन पटल पर चमकाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने संभाग की सुदृढ़ होती स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महारानी अस्पताल की अटल आरोग्य लैब में 10 से 12 हजार रुपये तक की जटिल जांच निशुल्क की जा रही हैं।
मुख्य वन संरक्षक स्टाइलो मंडावी ने जगदलपुर वन वृत्त की भविष्यगामी हरित योजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के लगभग 3 हजार रनिंग मीटर के मीडियन सड़क के बीच में भौगोलिक अनुकूलता के अनुसार टेकोमा, बोगनवेलिया और कनेर (नेरियम) जैसी विशिष्ट प्रजातियों के पौधे रोपे जा रहे हैं, जो शहर के प्रवेश द्वार को दर्शनीय बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए एक प्रभावी ग्रीन बेल्ट का काम करेंगे। उन्होंने बताया कि सिटी फॉरेस्ट योजना के तहत कचनार, मौलश्री और तबुबिया रोसिया जैसे पेड़ पहले ही लगाए जा चुके हैं, वहीं किसान वृक्ष मित्र योजना और शासकीय वन भूमि को मिलाकर अब तक लगभग 38 हजार पौधों का सफल रोपण किया जा चुका है।
इस दौरान नगर निगम सभापति खेमसिंह देवांगन, बस्तर राजपरिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव, बस्तर संभाग आयुक्त डोमन सिंह, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) उत्तम कुमार गुप्ता, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, वन मंडलाधिकारी दीपेश कपिल, जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना सहित एनसीसी, एनएसएस के युवा कैडेट्स, स्थानीय पार्षदगण, विभिन्न विभागों के कर्मचारी और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिक उपस्थित रहे।