हमीरपुर, 18 सितंबर । मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार धौलासिद्ध जलविद्युत परियोजना को एसजेवीएनएल से वापस लेगी और इसके लिए 800 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हिमाचल के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री आज हमीरपुर जिले के नादौन विधानसभा क्षेत्र में ब्यास नदी पर 31.19 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 250 मीटर लंबे, डबल-लेन मोटरेबल एवं फुटपाथ सधोड़ापत्तन पुल के शिलान्यास के बाद आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह पुल हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र के दोबड़ कलां गांव को कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी क्षेत्र के सिल्ह गांव से जोड़ेगा। इस पुल से नादौन और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्रों की 15 ग्राम पंचायतों में रहने वाले 30,000 से अधिक लोगों के अलावा सुजानपुर क्षेत्र के लोग भी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस पुल से क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है।
इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क सुविधा सुदृढ़ होगी तथा लोगों और वाहनों की आवाजाही सुगम बनेगी। पुल के निर्माण से नादौन और ज्वालामुखी के बीच निकटतम सड़क मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे आवागमन बेहतर होने के साथ-साथ यात्रा की दूरी कम होगी और स्थानीय लोगों के समय की भी बचत होगी।
उन्होंने कहा कि इस पुल से नादौन और ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्रों के बीच संपर्क को बेहतर बनाकर क्षेत्र में सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही लोगों और वस्तुओं की आवाजाही आसान होने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
सुक्खू ने कहा कि अगर हमीरपुर से मुख्यमंत्री नहीं बनता तो मेडिकल कॉलेज में केवल चार दीवारें ही खड़ी रहतीं। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने इसके निर्माण के लिए कोई मदद नहीं दी और राज्य सरकार ने अपने बजट से 450 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर हमीरपुर जिला की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी मेडिकल कॉलेज में उत्तर भारत का पहला कैंसर इंस्टीट्यूट बनाया जा रहा है। इसे जापान के सहयोग से करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के निर्माण के लिए भी 150 करोड़ रुपये दिए गए हैं और जल्द ही इस पर काम शुरू होगा।