नेतन्याहू का आतंकवाद विरोधी दलों से लिकुड के साथ आने का आह्वान

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नेतान्याहू ने कहा, “मैं इस विषय पर खुले दिल से बातचीत करने के लिए तैयार हूं।” पिछले हफ्ते हुए चुनाव के बाद यह पहली बार है जब उन्होंने राष्ट्रीय सरकार बनाने की बात कही है। चुनाव नतीजों में लिकुड पार्टी ने 27 सीटें जीतीं हैं। लिकुड पार्टी के नेता नेतन्याहू के गुट के पास कुल 53 सीटें हैं। 120 सदस्यीय नेसेट के चुनाव में यशार पार्टी ने 21 सीटें जीतीं और इसके चेयरमैन गादी आइसेनकोट के गुट के पास कुल 48 सीटें आई हैं। वहीं, अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीतीं। इनमें राअम पार्टी प्रमुख है। यह मुख्य रूप से इजराइल में रहने वाले अरब नागरिकों और बेडौइन समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली एक अरब-इस्लामी राजनीतिक पार्टी है।

उधर, बुधवार को राष्ट्रपति हर्जोग के सामने चुनाव के आधिकारिक नतीजे पेश किए जाएंगे। लिकुड पार्टी ने कहा कि इस प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित कर दिया जाए। केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष ने इस मांग को ठुकरा दिया है। लिकुड पार्टी का दावा है कि अरब पार्टियों ने वोट “चुरा” लिए हैं। इजराइल के उच्चतम न्यायालय के जज नोम सोहलबर्ग ने भी इस मांग को खारिज कर दिया। इस समय 27 अक्टूबर को हुए चुनाव में विदेशी दखलंदाजी के संदेह की जांच चल रही है।

सोहलबर्ग की अध्यक्षता वाली केंद्रीय चुनाव समिति ने स्पष्ट किया कि अगर ये आरोप साबित भी हो जाएं तो भी इतने गंभीर नहीं हैं कि चुनाव के नतीजों को बदल सकें। समिति ने कहा कि चुनाव “सही तरीके से कराए गए।” ये दावे इस आरोप के इर्द-गिर्द हैं कि कतर या अन्य विदेशी ताकतों ने अरब मतदाताओं की संख्या बढ़ाने और चुनाव को प्रभावित करने के लिए गुप्त रूप से फंडिंग की। इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है और उम्मीद है कि शिन बेट और मोसाद जल्द ही अपनी जांच पूरी कर लेंगे। केंद्रीय चुनाव समिति बुधवार को चुनाव नतीजों को औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान करेगी। इसके बाद इन्हें राष्ट्रपति के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। लिकुड पार्टी इसका विरोध करने पर विचार कर रही है।