मृत कर्मचारी की पत्नी की जगह ससुराल पक्ष को पेंशन परिलाभ देने पर रोक

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जयपुर, 03 नवंबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने मृतक सरकारी कर्मचारी की पत्नी की जगह उसके ससुराल पक्ष को पेंशन परिलाभ भुगतान करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। वहीं मामले में प्रमुख चिकित्सा सचिव, चिकित्सा निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, टोंक सहित अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है। अदालत ने इन अधिकारियों से 23 नवंबर तब जवाब पेश करने को है। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश रेखा चौधरी की याचिका पर दिए।

याचिका में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता का उसके पति डॉ. सुरजीत सिंह गंगवाल से पारिवारिक विवाद चल रहा था और साथ ही टोंक की जिला कोर्ट में साल 2024 से उनका विवाह विच्छेद प्रार्थना पत्र भी लंबित था। इस दौरान ही उसके पति का गत 2 मई को निधन हो गया। याचिकाकर्ता के एक बेटा व बेटी है। उसके ससुराल वालों ने मृत कार्मिकों के परिजनों को मिलने वाले पेंशन सहित अन्य परिलाभों के लिए चिकित्सा विभाग में दावा कर रखा है। वे इस राशि के भुगतान को प्राप्त करना चाह रहे हैं, जबकि उसके पति की मृत्यु से पूर्व उसे और उसकी बेटी को भरण-पोषण के लिए 12 हजार रुपए मिल रहे थे। उसके पति के निधन के बाद यह राशि उन्हें मिलना बंद हो गई। उसके ससुर रिटायर सरकारी कार्मिक हैं। ऐसे में उसे पति के सभी परिलाभ व अनुकंपा नियुक्ति दिलवाई जाए, ताकि वह अपने बच्चों की परवरिश सही तरीके से कर सके। अदालत ने मामले में सुनवाई करते हुए संबंधित पक्षकारों से जवाब मांगते हुए किसी अन्य को पेंशन परिलाभ राशि नहीं देने का निर्देश दिया।