यह विमान परिवहन, समुद्री निगरानी और आपातकालीन बचाव जैसे कई कार्यों में सक्षम है और इसका उपयोग छोटे-छोटे रनवे पर भी किया जा सकता है। मंगलवार को विमान ने करीब पांच से छह बार हवाई अड्डे पर लैंडिंग और टेकऑफ का अभ्यास किया। बता दें कि चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है ये वजह रही कि भारतीय वायुसेना ने यहां पर “ऑपरेशन गगन ” से लेकर के दर्जनों अभ्यास कर चुकी है।