एशियाई खेलों में रजत जीत मंडी के सावन बरवाल ने रचा इतिहास

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मंडी, 26 सितंबर । मंडी जिले के लिए लगातार दो बड़ी खबरें जापान से आई हैं। इरान को हराकर गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की महिला टीम में चार खिलाड़ी हिमाचल से हैं और इसमें भावना मंडी जिले के गोहर उपमंडल के गांव बेला से है। जब इस टीम ने गोल्ड मेडल जीता तो उसके पिता प्रेम सिंह समेत पूरा परिवार खेतों में लहसुन की बिजाई कर रहा था और खबर सुन कर खेतों में ही नाचने लगे।

इधर, हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के जोगिंदरनगर उपमंडल के रहने वाले धावक सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सावन ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर यह उपलब्धि हासिल की। उनके प्रदर्शन के साथ भारतीय पुरुष मैराथन के एशियाई खेलों में पदक का लंबा इंतजार भी समाप्त हुआ।

सावन बरवाल इससे पहले अप्रैल 2026 में रॉटरडैम मैराथन में पदार्पण करते हुए 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड के समय के साथ 48 साल पुराना भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने 1978 में शिवनाथ सिंह द्वारा बनाए गए 2ः12ः00 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था। मंडी के इस युवा धावक की एशियाई खेलों में रजत पदक की उपलब्धि भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे सावन ने एक बार फिर साबित किया है कि हिमाचल की छोटी काशी मंडी की धरती से निकली प्रतिभाएं विश्वस्तरीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता रखती हैं।

सावन के कोच गोपाल सिंह इस उपलब्धि पर बेहद खुश है तथा इसे सावन की कड़ी मेहनत का नतीजा बता रहे हैं। सावन के पिता कुलदीप चंद, माता सुभद्रा देवी और पत्नी शबनम सहित पूरा परिवार इस उपलब्धि पर गदगद है। सुबह से ही उनके घर में बधाईयां देने वालों का तांता लगा है। सावन के ताया चमेल सिंह ने बताया कि अब उसके अपने घर लौटने का बेसब्री से इंतजार रहेगा। सावन की इस उपलब्धि पर मंडी और हिमाचल में खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है तथा उन्हें बधाइयों का सिलसिला जारी है।