जांजगीर-चांपा, 28 सितम्बर (हि. स.)। जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान चलाया गया। ‘स्वच्छता में सहभागी, स्वच्छ भारत विकसित भारत’ की थीम पर आयोजित इस अभियान में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों और स्वच्छताग्राहियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
अभियान के दौरान गांवों के सार्वजनिक स्थलों और तालाबों की सफाई के लिए सामूहिक श्रमदान किया गया। अमृत सरोवर एवं अन्य जलस्रोतों की सफाई में ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। लोगों को जलस्रोतों में कचरा नहीं डालने और तालाबों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया गया।
इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में जनप्रतिनिधियों और विद्यार्थियों की सहभागिता से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। विद्यार्थियों ने पौधों की नियमित देखभाल और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी जिम्मेदारी से देखभाल करने का संदेश दिया गया।
स्वच्छता गतिविधियों के दौरान लोगों को नियमित हाथ धुलाई, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वच्छ आदतों के महत्व की जानकारी दी गई। सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने, आसपास सफाई रखने और स्वच्छता गतिविधियों में निरंतर भागीदारी निभाने की अपील की गई।
सेवा संकल्प अभियान और स्वच्छता ही सेवा-2026 के माध्यम से जांजगीर-चांपा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘स्वच्छ गांव-स्वस्थ गांव’ की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। सामूहिक श्रमदान, स्वच्छता जागरूकता, जलस्रोतों की सफाई और पौधरोपण जैसी गतिविधियों के जरिए ग्रामीणों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।