अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर जागरूकता रैली, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की दिलाई शपथ

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बीकानेर, 14 अक्टूबर । अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला अधिकारिता विभाग की ओर से ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका–सुरक्षित समाज’ के तहत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत चौधरी चरण सिंह जाट छात्रावास में 100 से अधिक बालिकाओं की सहभागिता से जिला स्तरीय जागरूकता रैली निकाली गई तथा ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की शपथ दिलाई गई।

प्रचेता विजय लक्ष्मी जोशी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्राचार्य मोनिका गौड़ ने स्वरचित कविताओं के माध्यम से बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया। वहीं, पॉलिटेक्निक कॉलेज की इंदुबाला कश्यप ने बालिकाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनके लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

पॉलिटेक्निक कॉलेज की लेक्चरर कमला प्रीत कौर ने बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहते हुए अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास करना चाहिए। अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए उन्हें मन, मस्तिष्क और विचारों में संतुलन बनाए रखकर माता-पिता तथा समाज का नाम रोशन करना चाहिए।

सहायक लेखाधिकारी साहिल विजयवर्गीय ने शिक्षा के प्रति गंभीर रहने और निरंतर अध्ययन करते हुए अपने भविष्य को बेहतर बनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर बालिकाओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट विचारों की अभिव्यक्ति के लिए प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। छात्रावास के सचिव एवं स्टाफ ने प्रेरक उद्बोधन के माध्यम से बालिकाओं को जीवन में आगे बढ़ने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में केंद्र प्रबंधक सखी वन स्टॉप सेंटर सरिता गोदारा ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए सहयोग किया। कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र तथा हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

साप्ताहिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, हाउसिंग बोर्ड में पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक कविता हुरकट द्वारा कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

वहीं मंगलवार को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया। आगामी कार्यक्रमों के तहत नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन एवं आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित कार्यशाला तथा जिला स्तरीय महिला चैंपियंस के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाने प्रस्तावित हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य बालिकाओं एवं महिलाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाना है।