जयपुर, 14 अक्टूबर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्षों की जनसेवा यात्रा पूरी करने के उपलक्ष्य में राजस्थान मंत्रिमंडल ने बुधवार को अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद हुई प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व, सुशासन और विकास से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके अनुभव और दूरदृष्टि का लाभ राजस्थान को भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर को सरकार के मुखिया के रूप में राष्ट्रसेवा का ऐतिहासिक पड़ाव पूरा किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में सुधार, कार्य निष्पादन और परिवर्तन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और विनिर्माण, तकनीक, डिजिटल सेवाओं तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रही प्रमुख परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि जयपुर में यातायात का दबाव कम करने के लिए 11,764 करोड़ रुपये की लागत से जयपुर रिंग रोड (उत्तर) परियोजना केंद्र सरकार के सहयोग से पूरी की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश में 2,750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के नौ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे विकसित किए जा रहे हैं।
ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश 39.36 गीगावाट स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता के साथ देश में पहले स्थान पर है, जबकि अक्षय ऊर्जा स्थापना में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पांच लाख से अधिक पंजीकरण हुए हैं और 3.37 लाख छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। पीएम-कुसुम योजना के तहत भी 5.2 गीगावाट से अधिक क्षमता के संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने राम जल सेतु लिंक परियोजना को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे 17 जिलों के तीन करोड़ से अधिक लोगों को पेयजल और लगभग चार लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने यमुना, किशाऊ और नर्मदा जल समझौतों का उल्लेख करते हुए इन्हें राजस्थान की जल सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
निवेश के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिसंबर 2024 में आयोजित राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन में 35 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन हुए थे, जिनमें से नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।
उन्होंने पचपदरा की एकीकृत ग्रीनफील्ड रिफाइनरी, जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण और माही-बांसवाड़ा परमाणु विद्युत परियोजना को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।
युवाओं के रोजगार पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 1.93 लाख पदों पर सरकारी नियुक्तियां दे चुकी है। इसके अतिरिक्त 1.18 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की दिशा में काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक के पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर नौ हजार रुपये की गई है और 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राजस्थान में 3.82 लाख ग्रामीण आवास बन चुके हैं, जबकि 4.53 लाख आवासों का निर्माण जारी है। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और गरीब परिवारों को रियायती दर पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता, जनभागीदारी और समयबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से राजस्थान की विकास यात्रा को गति दे रही है। उन्होंने प्रदेश के विकास में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रेस वार्ता में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा भी उपस्थित रहे।