जानकारी के अनुसार, मृतका के पति विक्रम पूर्ति के परिवार में एक बुजुर्ग के निधन के कारण शव को दफनाने के लिए लोग कब्रिस्तान गये थे। ठंड अधिक होने के कारण सुनीता घर में दो अन्य महिलाओं के साथ अलाव ताप रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी साड़ी में आग लग गई। घबराहट में वह इधर-उधर दौड़ने लगी, जिससे आग और फैल गई।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उसे सदर अस्पताल चाईबासा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे जमशेदपुर रेफर किया गया था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिजनों ने सदर अस्पताल में ही इलाज कराने का निर्णय लिया। इलाज के दौरान गुरुवार को तड़के उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा और सहायता देने की मांग की है।