नई दिल्ली, 22 जून । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में सैदुलाजाब में भवन ढहने की दुखद घटना तथा मालवीय नगर के हौज रानी में हुए भीषण अग्निकांड में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात कर उन्हें 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि सौंपी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों घटनाओं में मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे असहनीय दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इन हादसों में शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार उठा रही है ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 मई को सैदुलाजाब में हुई इमारत ढहने की घटना और 3 जून को हौज रानी में हुए अग्निकांड में जिन अमूल्य जिंदगियों को खोया गया, उनकी क्षति कभी पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सैदुलाजाब की त्रासदी में ऐसे होनहार युवाओं को खोया जिनकी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने थे, जबकि हौज रानी अग्निकांड ने एक ही परिवार की दो पीढ़ियों को हमसे छीन लिया। यह केवल प्रभावित परिवारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दुख है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवारों से कहा कि उनके पास ऐसा कोई शब्द नहीं है जो उनके दुख और दर्द को कम कर सके। दुनिया की कोई भी सरकार और कितनी भी धनराशि किसी व्यक्ति के अपनों को वापस नहीं ला सकती। एक जीवन का कोई मूल्य नहीं हो सकता, लेकिन इस कठिन समय में दिल्ली सरकार एक परिवार की तरह पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और हादसों के कारणों की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सैदुलाजाब भवन ढहने की घटना में मृतकों के परिजनों को अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की। इनमें स्वर्गीय एकता चौधरी के पिता रमेश चंद्र, स्वर्गीय रवि प्रकाश वर्मा के पिता राम प्रकाश, स्वर्गीय कपिल के पिता राजेश कुमार, स्वर्गीय नलिन के पिता संजय कुमार, स्वर्गीय आलोक के पिता सत्यवान वर्मा तथा स्वर्गीय पार्वती ओझा के पति जय राज ओझा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने हौज रानी अग्निकांड के पीड़ित परिवारों को भी सहायता राशि सौंपी। इनमें स्वर्गीय अशोक कुमार गोयल की पत्नी सरोज देवी, स्वर्गीय कमला अग्रवाल एवं स्वर्गीय जवारी लाल अग्रवाल की ओर से उनके पुत्र सचिन अग्रवाल तथा स्वर्गीय श्रुतिका बरनवाल की ओर से रमेश प्रसाद को अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की गई।
पीड़ित परिवारों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अधिक प्रभावी और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली से जुड़ी अपनी चिंताएं भी मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने परिजनों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार इन घटनाओं को केवल एक हादसे के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इन्हें एक ऐसी सीख के रूप में ले रही है जिससे भविष्य में लोगों की सुरक्षा और अधिक मजबूत की जा सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और सुरक्षा तंत्र को और सशक्त बनाया जा रहा है। राजधानी में आग की बढ़ती घटनाओं को रोकने और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार अग्निशमन सुरक्षा की एक विशेष योजना तैयार कर रही है। इसके तहत फायर सर्विसेज की क्षमता बढ़ाई जाएगी तथा ऐसे छोटे अग्निशमन वाहनों की खरीद की जा रही है जो संकरी गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी तेजी से पहुंच सकें।
इस अवसर पर मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।