है, बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेलों के भविष्य से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
एसोसिएशन के अनुसार महावीर स्टेडियम में तैयार
किए गए सिंथेटिक बास्केटबॉल कोर्ट की सतह निर्माण के मात्र एक सप्ताह के भीतर ही कई
स्थानों से उखड़ने लगी है। इतनी कम अवधि में इस प्रकार की क्षति निर्माण कार्य की गुणवत्ता,
इस्तेमाल की गई सामग्री तथा तकनीकी मानकों के पालन पर सवाल खड़े करती है।
इस संबंध में हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष
कैप्टन जसविंदर मीनू बेनीवाल तथा महासचिव कृष्ण लाल पंवार ने खेल विभाग के प्रधान सचिव
को पत्र लिखकर कोर्ट का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने का अनुरोध किया है। पत्र में
मांग की गई है कि निष्पक्ष जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्य निर्धारित
तकनीकी मानकों और स्वीकृत गुणवत्ता के अनुरूप किया गया है या नहीं।
एसोसिएशन ने पत्र में संबंधित अधिकारियों, निर्माण
एजेंसी और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है। साथ ही हरियाणा बास्केटबॉल
संघ से कोर्ट की गुणवत्ता एवं उपयोगिता का स्वतंत्र तकनीकी परीक्षण कराने तथा निर्माण
में प्रयुक्त सिंथेटिक सामग्री की गुणवत्ता, विनिर्देश और प्रमाण-पत्रों की विस्तृत
जांच कराने का आग्रह किया गया है। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही
या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने
की मांग भी की गई है।
हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश
में विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना का निर्माण तभी सार्थक होगा, जब गुणवत्ता, पारदर्शिता
और तकनीकी मानकों से कोई समझौता न किया जाए। खिलाड़ियों को सुरक्षित, टिकाऊ और अंतरराष्ट्रीय
स्तर की खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित एजेंसियों की सर्वोच्च जिम्मेदारी
है। एसोसिएशन ने उम्मीद जताई कि हरियाणा सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र
आवश्यक कार्रवाई करेगी, ताकि खिलाड़ियों का खेल अधोसंरचना की गुणवत्ता पर विश्वास कायम
रहे और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।