जयपुर, 08 अक्टूबर । राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर कलेक्टर को 13 अक्टूबर को पेश होकर बताने को कहा है कि आदर्श नगर स्थित सूरज मैदान को आदर्श विद्या मंदिर प्रबंध समिति की ओर से किराए पर देने के विवाद को लेकर पेश अभ्यावेदन पर दो साल से निर्णय क्यों नहीं किया गया।
जस्टिस महेन्द्र गोयल और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश पत्रकार कॉलोनी व श्रीराम एरिया विकास समिति की ओर से दायर अपील पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित पीएलपीसी की ओर से इस संबंध में लिया गया निर्णय पेश कर दिया जाता है तो कलेक्टर को पेश होने की जरूरत नहीं है।
सुनवाई के दौरान एएजी भुवनेश शर्मा की ओर से मामले में पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल की ओर से लिए गए निर्णय को पेश करने के लिए समय मांगा गया। इस पर अदालत ने समय देते हुए निर्णय पेश नहीं करने पर कलेक्टर को तलब किया है।
अपील में अदालत को बताया कि तत्कालीन यूआईटी ने आदर्श नगर योजना बनाते समय यहां पार्क के लिए आरक्षित जगह छोड़ी थी। वहीं जेडीए के अस्तित्व में आने के बाद इस जगह को खेल मैदान घोषित कर दिया गया। आदर्श नगर को जयपुर नगर निगम को हस्तांतरित करने के बाद इस जगह का स्वामित्व निगम के पास आ गया। इस सूरज मैदान से सटी आदर्श विद्या मंदिर स्कूल है। जो इस अपने विद्यार्थियों के खेलकूद के लिए इस मैदान का उपयोग करने लगी। स्कूल की प्रबंध समिति अब बिना किसी अधिकार और स्वामित्व के इस मैदान को शादियों और व्यावसायिक इवेंट के लिए दे रही है और इसके बदले समिति भारी धनराशि चंदे के रूप में ले रही है।